विधान परिषद की 11 सीटों में बीजेपी ने 6 और सपा ने 5 सीटों पर दर्ज की जीत, सपा प्रमुख ने मतदाताओं-पार्टी कार्यकर्ताओं का जताया आभार, PDA की ताकत बढ़ाने का करेंगे काम
लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चुनाव में सपा को मिली पांच सीटों की जीत को लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की लड़ाई की शुरुआत बताते हुए कहा कि वाराणसी के मतदाताओं ने डबल इंजन की सरकार को डबल जीरो दिया है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा भले ही छह सीटें जीतने में सफल रही हो, लेकिन उसे 50 जिलों में हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के छह प्रत्याशी छल और हेराफेरी के जरिए जीते हैं। अखिलेश यादव ने सभी नवनिर्वाचित एमएलसी को बधाई देने के साथ शिक्षकों, स्नातक मतदाताओं, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मतगणना के दौरान समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पीडीए प्रहरियों ने पूरी सतर्कता और मजबूती के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। यह जीत आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण संदेश है। इस दौरान कई पूर्व जनप्रतिनिधियों ने सपा का दामन थामा।
वाराणसी में डबल इंजन को डबल जीरो’l

चुनाव परिणाम पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि इस बार वाराणसी के मतदाताओं ने डबल इंजन के लोगों को डबल जीरो दिया है। उन्होंने वाराणसी में समाजवादी पार्टी की जीत को जनता के भरोसे और एकजुटता का परिणाम बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लोग वाराणसी में पहले मतगणना में हारे और फिर दोबारा मतगणना में भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, दो बार गिनती होने के बावजूद भाजपा और उसके सहयोगी प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर सके। उन्होंने इसे डबल इंजन की डबल हार करार दिया।सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि इस चुनाव में मिली सफलता से पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है और इसका असर 2027 के विधानसभा चुनाव में भी दिखाई देगा।
गिनती में पांच सीटें, लेकिन 50 जिलों में हारे
एसपी चीफ अखिलेश यादव ने चुनाव परिणाम को केवल सीटों के आंकड़ों तक सीमित नहीं माना। उन्होंने कहा कि गिनती में भले ही सपा को पांच सीटें मिली हों, लेकिन भाजपा को 50 जिलों में हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के बीच भाजपा की छवि बेईमानी करने वाली पार्टी के रूप में बनी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के छह प्रत्याशी छल और हेराफेरी से जीते हैं। हालांकि, चुनाव में धांधली से जुड़े इन आरोपों को अखिलेश यादव का राजनीतिक आरोप बताते हुए देखा जाना चाहिए।
ये शुरुआत है, PDA की ताकत और बढ़ाएंगे

सपा प्रमुख ने कहा कि विधान परिषद चुनाव का परिणाम पार्टी के लिए एक शुरुआत है। समाजवादी पार्टी इसी मेहनत और लगन के साथ पीडीए की ताकत को और मजबूत करने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में शिक्षकों और अपने भविष्य को लेकर चिंतित युवाओं ने पार्टी का साथ दिया है मतदाताओं ने न केवल सपा प्रत्याशियों को वोट दिया, बल्कि मतगणना के दौरान भी पार्टी के पीडीए प्रहरियों के साथ खड़े रहकर निगरानी की। अखिलेश ने सभी मतदाताओं का आभार जताते हुए कहा कि प्रमाणपत्र मिलने तक कार्यकर्ताओं ने पूरी मजबूती से अपनी जिम्मेदारी निभाई।
हमारा कोई प्रत्याशी हारा नहीं, चालबाजी से जीत नहीं पाया
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मतगणना के दौरान भाजपा पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का कोई भी प्रत्याशी हारा नहीं है, बल्कि कुछ प्रत्याशी भाजपाइयों की कथित हेराफेरी के आगे जीत नहीं पाए। उन्होंने कहा कि जिन प्रत्याशियों को जीत का प्रमाणपत्र नहीं मिला, वे भी पार्टी के लिए विजेता हैं। उन्होंने सभी विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए कहा कि पार्टी उन प्रत्याशियों का भी अभिनंदन करती है।जिन्होंने चुनाव में मजबूती से मुकाबला किया। अखिलेश के मुताबिक, कार्यकर्ताओं और मतदाताओं की यही एकजुटता 2027 में सपा की सरकार बनाने की निर्णायक नींव बनेगी।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा फिर उठाया

एसपी चीफ अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी वर्ष 2022 से लगातार यह बात कह रही है कि वोटर लिस्ट में बेईमानी हुई है, लेकिन इस संबंध में अब तक क्या कार्रवाई हुई? उन्होंने मतदाता सूची में सुधार की जरूरत बताते हुए निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता बेहद जरूरी है। यदि मतदाता सूची में गड़बड़ी रहेगी तो चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे। उन्होंने इस मुद्दे पर जिम्मेदार संस्थाओं से कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई।
काशी डूब जाए, लेकिन गोरखधंधा न बंद हो
वाराणसी और गोरखपुर के चुनावी समीकरणों पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की राजनीतिक चालों के कारण गोरखपुर में सपा प्रत्याशी को जीतने नहीं दिया गया। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की सोच ऐसी है कि काशी डूब जाए, लेकिन गोरखधंधा बंद नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने सपा को गोरखपुर में जीतने से रोकने के लिए राजनीतिक दांवपेच अपनाए।
UCC और अमित शाह के दौरे पर भी कसा तंज
उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश दौरे और समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘बहुत देर कर दी मेहरबां आते-आते।’उन्होंने महिला आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि लोकसभा से पारित महिला आरक्षण को अब तक लागू क्यों नहीं किया गया? अखिलेश ने कहा कि भाजपा केवल घोषणाएं करती है, लेकिन उन्हें लागू करने के मामले में पीछे रहती है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को सद्भावना और एकजुटता की लड़ाई बताया।
उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर हादसे पर जताई चिंता
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर लापता होने की खबर पर भी चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह खबर बेहद चिंताजनक है।अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके हेलिकॉप्टर का शीघ्र पता लगाया जाए और उसमें सवार लोगों के बारे में जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही उन्होंने हर संभव उपचार की व्यवस्था करने की मांग की।गौरतलब है कि 30 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम से देहरादून लौट रहा एक हेलिकॉप्टर चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र में लापता होने की सूचना सामने आई थी। इसमें पायलट समेत छह लोग सवार थे। बाद में चाई गांव के पास हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी सामने आई।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
