पेपर लीक, आरक्षण, अयोध्या चढ़ावा विवाद और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा, सपा सरकार बनने पर युवाओं को 3 साल की आयु सीमा में छूट का किया ऐलान
प्रयागराज/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को प्रयागराज में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा सरकार पर नौकरियों, पेपर लीक, आरक्षण और अयोध्या चढ़ावा विवाद को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार संविधान के अनुरूप आरक्षण का अधिकार नहीं दे रही और भर्ती परीक्षाओं में संगठित तरीके से घोटाला किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 22 भर्ती परीक्षाओं में आरक्षित वर्गों के साथ अन्याय हुआ है और सरकार इस पर कोई जवाब नहीं दे रही। अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में लगातार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है।
अभ्यर्थियों को न्यूनतम तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट
उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर पेपर लीक और अन्य कारणों से आयु सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को न्यूनतम तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। साथ ही भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने, समयबद्ध नियुक्तियां, सुरक्षित परीक्षा प्रणाली और पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई का वादा किया।
अयोध्या में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “NATION FIRST नहीं, DONATION FIRST” भाजपा की प्राथमिकता बन गई है।
चढ़ावा चोरी की निष्पक्ष जांच जरूरी
उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावा और चंदे से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा जनता रामधन का हिसाब मांग रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के शब्दकोष में “न धर्म बचा है, न शर्म” और सरकार की प्राथमिकता जनहित नहीं बल्कि धन संग्रह बन गई है। लखनऊ कोचिंग अग्निकांड का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन होता तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवाल उठाने वालों को जवाब देने के बजाय परेशान करती है। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने दोहराया कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय, पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और युवाओं के हितों को प्राथमिकता देकर सरकार चलाएगी।
