7.5 एकड़ में होगी विकसित, कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह बोले- देश की सभी छावनियों के लिए बनेगी मॉडल परियोजना
बरेली: यूपी की बरेली छावनी परिषद ने देश की सभी छावनियों के लिए एक नई मिसाल पेश करते हुए भारत की पहली आधुनिक कैंट गौशाला परियोजना की शुरुआत कर दी है। ठिरिया रोड स्थित गारबेज टू गोल्ड सेंटर के निकट लगभग 7.5 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सोमवार को विधि-विधान से भूमि पूजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह रहे। उनके साथ बरेली सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार और कैंट विधायक संजीव अग्रवाल भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री ने की बड़ी घोषणा
भूमि पूजन समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने परियोजना की सराहना करते हुए गौशाला के निर्माण के लिए 1 करोड़ 60 लाख की वित्तीय सहायता देने और 400 उच्च नस्ल की गायें उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह आधुनिक गौशाला केवल बरेली ही नहीं, बल्कि देश की सभी छावनियों के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगी।
वैज्ञानिक सुविधाओं से लैस होगी हाईटेक गौशाला
बरेली छावनी परिषद की मुख्य अधिशासी अधिकारी (CEO) डॉ. तनु जैन की परिकल्पना पर तैयार की गई इस परियोजना में आधुनिक और वैज्ञानिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। करीब 7.5 एकड़ क्षेत्र में बनने वाली गौशाला में सुव्यवस्थित गौ-शेड, स्वच्छ एवं हरित परिसर, जल संरक्षण प्रणाली, चारा भंडारण केंद्र, प्रशासनिक भवन, पशु चिकित्सा सुविधाएं तथा पर्यावरण अनुकूल आधारभूत ढांचा विकसित किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य केवल गौ-संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जैविक खेती को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को भी नई दिशा देना है।
देश की छावनियों के लिए बनेगी प्रेरणा
छावनी परिषद के अनुसार यह परियोजना भारत की किसी भी छावनी में अपनी तरह की पहली आधुनिक गौशाला होगी। परियोजना के सफल क्रियान्वयन में बरेली छावनी परिषद के नामित सदस्य वैभव जायसवाल का भी विशेष सहयोग रहा है। बरेली छावनी परिषद का मानना है कि यह अभिनव पहल भविष्य में देश की अन्य छावनियों के लिए भी गौ-संरक्षण और आधुनिक गौशाला प्रबंधन का मॉडल बनेगी तथा पशु कल्याण के क्षेत्र में एक नई शुरुआत साबित होगी।
