ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ द्विपक्षीय चर्चा, वैश्विक सहयोग पर जोर
दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IBSA लीडर्स समिट में हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं ने वैश्विक चुनौतियों, बहुपक्षीय व्यवस्था और भविष्य की वैश्विक रणनीति पर महत्वपूर्ण चर्चा की।
समिट में संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्तर पर डिजिटल क्रांति की जरूरत पर जोर दिया और “डिजिटल इनोवेशन एलायंस” की स्थापना का प्रस्ताव रखा। पीएम मोदी ने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी केवल भविष्य नहीं, बल्कि आज की आवश्यक जरूरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल विकासशील देशों को मजबूत तकनीकी मंच प्रदान कर सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की आवश्यकता को एक बार फिर मुखरता से उठाया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यवस्था तब तक संतुलित और प्रभावी नहीं हो सकती जब तक उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलता। मोदी ने इसे समय की मांग बताते हुए कहा कि दुनिया पहले जैसी नहीं रही और अब वैश्विक संस्थाओं को भी बदलना होगा।
IBSA समिट के दौरान पीएम मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से द्विपक्षीय वार्ता भी की। बैठक में व्यापार, तकनीक, रक्षा, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक दक्षिण (Global South) की भूमिका जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। यह समिट न केवल तीनों लोकतांत्रिक देशों की साझा दृष्टि को मजबूत बनाता है, बल्कि आने वाले समय में दुनिया की बहुध्रुवीय व्यवस्था में IBSA की भूमिका और प्रभाव को भी स्पष्ट करता है।
