बरेली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट को गति देने के लिए बरेली प्रशासन ने सभी अड़चनों को हटाकर निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। शहर के सात प्रमुख नाथ स्थलों पर 50 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ चल रही हैं, जिनसे बरेली को एक बड़े धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जा रहा है। लक्ष्य है कि फरवरी 2026 तक अधिकांश स्थलों का निर्माण पूरा कर लिया जाए।
महादेव सर्किट बनाने की तैयारी
सरकार की योजना है कि कांवड़ मार्ग, प्राचीन शिवधाम और नाथ परंपरा से जुड़े सभी प्रमुख स्थलों को एक ही सर्किट में जोड़ा जाए। बदायूं रोड पर बन रहा कांवड़ स्थल लगभग 4 करोड़ की लागत वाला प्रोजेक्ट है, जिसके लिए 2 करोड़ रुपये जारी भी हो चुके हैं। सावन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए यहां हॉल, विश्राम स्थल, पुरुष–महिला परिसर जैसी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
प्रमुख स्थलों पर तेजी से चल रहा विकास कार्य
वनखंडीनाथ मंदिर में लगभग 582 लाख रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण, फ्लोरिस्ट दुकानें और प्रसाद केंद्र बनाए जा रहे हैं, वहीं तपेश्वर नाथ मंदिर में 836 लाख रुपये से मुख्य प्रवेश द्वार, बड़ा मंच, प्रसाद केंद्र और भंडारा हॉल तैयार हो रहा है। धोपेश्वर नाथ में 771 लाख की लागत से पार्किंग, लाइब्रेरी और आकर्षक लैंडस्केपिंग का काम चल रहा है, तुलसी मठ में 971 लाख रुपये से वैदिक लाइब्रेरी, धर्मशाला और मुख्य द्वार का निर्माण किया जा रहा है। पशुपतिनाथ मंदिर में 298 लाख रुपये से संरचनात्मक सुधार और नए प्रवेश द्वार का निर्माण हो रहा है, अलखनाथ मंदिर में 1167 लाख रुपये से सबसे बड़े प्रोजेक्ट के तहत वैदिक लाइब्रेरी, आस्था पथ और भव्य मुख्यद्वार तैयार किए जा रहे हैं, और त्रिवटीनाथ मंदिर में 655 लाख की परियोजना के अंतर्गत प्रसाद केंद्र, फ्लोरिस्ट शॉप और सत्संग मंडप का निर्माण किया जा रहा है।
अध्यात्म के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
नाथ कॉरिडोर के पूरा होने के बाद बरेली में धार्मिक पर्यटन कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। इससे होटल, ट्रांसपोर्ट, ट्रैवल एजेंसियों, भोजनालय, प्रसाद और फूल कारोबार में बड़ा लाभ होगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का लक्ष्य है कि बरेली को आधुनिक सुविधाओं के साथ एक प्रमुख नाथ तीर्थ और आध्यात्मिक पर्यटन हब के रूप में तैयार किया जाए।
