नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह झारखंड और पश्चिम बंगाल में कोयला माफिया के खिलाफ धनशोधन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापक छापेमारी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 100 ईडी अधिकारी और कर्मचारी सुबह 6 बजे से ऑपरेशन में जुट गए और कुल 40 से अधिक परिसरों पर एक साथ दबिश दी गई।
छापेमारी के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों ने ईडी टीमों को सुरक्षा प्रदान की। ईडी ने घरों और कार्यालयों के अलावा टोल कलेक्शन बूथ और चेक पोस्ट पर भी तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई धनशोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है, जिसमें कई स्थानों से नकद और सोने के आभूषण भी बरामद किए गए हैं।
झारखंड में 18 स्थानों पर कार्रवाई
झारखंड में कोयला चोरी और तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए ईडी ने करीब 18 ठिकानों पर छापे मारे। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई अनिल गोयल, संजय उद्योग, एलबी सिंह और अमर मंडल से जुड़े परिसरों पर केंद्रित है। जांच में पता चला है कि इन मामलों में कोयले की चोरी, हेराफेरी और अवैध परिवहन शामिल था, जिससे सरकार को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
बंगाल में 24 परिसरों में दबिश
पश्चिम बंगाल में ईडी की टीमें दुर्गापुर, पुरुलिया, हुगली और कोलकाता में लगभग 24 स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। ये ठिकाने कथित तौर पर अवैध खनन, परिवहन और कोयले के भंडारण से जुड़े बताए जा रहे हैं। जिन लोगों के परिसरों को छापेमारी में शामिल किया गया है, उनमें नरेंद्र खड़का, युधिष्ठिर घोष, कृष्णा मुरारी कयाल, चिन्मयी मंडल, राजकुशोर यादव आदि शामिल हैं।
