बरेली : यूपी के बरेली में 2016 में देवरनिया नदी पुल के पास हुई युवक की हत्या के मामले में नौ साल बाद अदालत ने दोनों आरोपियों महेंद्र और नंदन को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सज़ा सुना दी। दोनों पर भारी अर्थदंड भी लगाया गया है।
जानें क्या था पूरा मामला?
फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के ग्राम टियूलिया निवासी बाबूराम गंगवार के बेटे राजू की 16 जून 2016 की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राजू अपनी चचेरी बहन को लेकर राममूर्ति अस्पताल से लौट रहा था। रास्ते में देवरनिया नदी पुल के पास मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। विरोध करने पर एक बदमाश ने राजू को तमंचे से गोली मार दी, जबकि दूसरे ने उसकी बहन से पर्स छीनने का प्रयास किया। परिजन राजू को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ था केस
घटना के बाद थाना सीबीगंज में मुकदमा संख्या 188/2016 धारा 302 (हत्या) और धारा 393 (लूट का प्रयास) के तहत दर्ज किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 11 गवाह पेश किए गए।
कोर्ट ने सुनाई कड़ी सज़ा
एडीजे-09 कोर्ट ने आज महेंद्र, जो टॉप-10 अपराधी और हिस्ट्रीशीटर है, तथा नंदन, निवासी ग्राम तुमहिया थाना आंवला, दोनों को दोषी करार देते हुए कड़ी सज़ा सुनाई। कोर्ट ने धारा 302/34 में दोनों को उम्रकैद और 50,000 रुपये अर्थदंड, धारा 393 में 5 वर्ष कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड की सज़ा दी। अर्थदंड न देने पर 6-6 महीने का अतिरिक्त कारावास तय किया गया, जबकि दोनों पर कुल मिलाकर 1,20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
