नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने सोमवार को राज्य में मतदाता सूची का ‘विशेष पुनरीक्षण’ कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। आयोग के निर्देशों के मुताबिक, नई मतदाता सूची 10 फरवरी 2026 को प्रकाशित की जाएगी। इसके लिए 1 जनवरी 2026 को आधार तिथि माना गया है। चुनाव आयोग ने असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को विस्तृत दिशानिर्देश भेजते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया वार्षिक सारांश पुनरीक्षण और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) – दोनों का मिश्रित रूप होगी।
क्या होगा इस विशेष पुनरीक्षण में?
22 नवंबर से 20 दिसंबर तक घर-घर सत्यापन अभियान
27 दिसंबर 2025 को संयुक्त मसौदा मतदाता सूची जारी
10 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित
अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया उन सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सूची पूरी तरह सटीक और अपडेटेड हो सके।
CM हिमंत बिस्व सरमा ने फैसले का स्वागत किया
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने चुनाव आयोग के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य सरकार पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी और समय पर पूरा कराने के लिए पूरी तरह सहयोग करेगी।
सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा—
“एक जनवरी 2026 को आधार तिथि मानकर मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण कराना एक सराहनीय कदम है। इससे स्पष्ट और सही मतदाता सूची तैयार होगी।”
कौन-कौन से राज्यों में हो रहा है SIR?
केंद्रीय चुनाव आयोग ने अक्टूबर में 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण की घोषणा की थी।
ये क्षेत्र शामिल हैं—अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल SIR पूरा होने के बाद अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी।
