26 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी,, जमानत अर्जी हुई खारिज, आरोपों की चार्जशीट की तैयारी अंतिम चरण में
बरेली : इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रज़ा की न्यायिक हिरासत को अदालत ने 14 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। मंगलवार को उनकी पेशी फतेहगढ़ सेंट्रल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 26 नवंबर तय की है। सुरक्षा कारणों से मौलाना को कोर्ट में प्रत्यक्ष पेश नहीं किया जा रहा है।
26 सितंबर के बरेली बवाल में आरोपी
पुलिस का आरोप है कि बरेली में 26 सितंबर को ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद के बाद कई इलाकों में तनाव, पथराव, फायरिंग और एसिड अटैक की घटनाएँ हुई थीं। शहर के प्रेमनगर, बारादरी, कोतवाली, किला और कैंट समेत पांच थानों में 10 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें से 7 मुकदमों में मौलाना तौकीर रजा नामजद हैं। पुलिस अब तक 105 से अधिक लोगों को जेल भेज चुकी है। मौलाना को 27 सितंबर को गिरफ्तार कर पहले बरेली जेल भेजा गया था, लेकिन सुरक्षा दृष्टि से उसी दिन फतेहगढ़ सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया।
जमानत अर्जी खारिज, अब हाईकोर्ट की तैयारी
7 नवंबर को मौलाना की जमानत अर्जी बरेली की सत्र अदालत में दाखिल की गई थी, जिसे अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
उनके वकील अब हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल करने की तैयारी में हैं।
चार्जशीट तैयारी अंतिम चरण में
पुलिस सूत्रों के अनुसार,रिकार्डेड वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट और मौके की लोकेशन रिपोर्ट के साथ गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सभी की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। विवेचना अधिकारी लगातार फतेहगढ़ जेल जाकर मौलाना से पूछताछ कर रहे हैं। चार्जशीट जल्द कोर्ट में दाखिल की जा सकती है। इस मामले में मौलाना के कई करीबी और संगठन के पदाधिकारी भी जेल भेजे जा चुके हैं, जिनमें डॉ. नफीस (राष्ट्रीय महासचिव), नदीम (पूर्व जिलाध्यक्ष), मुनीर इदरीसी (मीडिया प्रभारी), अनीस सकलैनी और साजिद आदि
शामिल हैं।
प्रशासन का रुख कड़ा
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि “जांच पूरी तरह निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। अदालत में चार्जशीट पेश होने के बाद आगे की प्रक्रिया निर्धारित होगी।”
