पीड़ित बोला- हाईकोर्ट तक पुलिस ने कहा था “जानलेवा हमला साबित”, अब स्थानीय कोर्ट में बदला!
बरेली : यूपी के बरेली देहात की देवरनिया थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित ने पूर्व विधायक के पौत्रों के खिलाफ दर्ज जानलेवा हमले के मामले में धाराओं को हल्का करके कोर्ट में हलफनामा दाखिल करने की बात कही है। उनका कहना है कि इसी केस में पुलिस ने पहले हाईकोर्ट तक यह स्वीकार किया था कि आरोपी द्वारा जानलेवा हमला (धारा -307/118/117(2)) साबित होता है। पीड़ित दुकानदार ने एसएसपी से जांच और धाराएं वापस बहाल करने की मांग की है। यह घटना मेडिकल स्टोर मालिक पर चाकू से हमला,।दुकान में तोड़फोड़ और फायरिंग की बात गई है।
चार महीने पहले की घटना
देवरनिया के कठर्रा गांव निवासी प्रीतम सिंह ने मीडिया को बताया कि 19 अगस्त की सुबह वह अपने मेडिकल स्टोर पर सफाई कर रहे थे। इसी दौरान शशांक वर्मा, उसका भाई मयंक वर्मा और उनके तीन साथी पड़ोसी खाटूश्याम कन्फेक्शनरी की दुकान में आगजनी करते दिखाई दिए। उन्होंने वीडियो बनाकर संबंधित दुकानदार राजीव को सूचना दी। इसी पर आरोपियों ने प्रीतम पर चाकू से हमला किया, दुकान में तोड़फोड़ कर फायरिंग का भी आरोप है। हमले में प्रीतम के बाएं कान की सुनने की क्षमता स्थायी रूप से प्रभावित हो गई। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी उनसे पहले 50,000 रंगदारी ले चुके थे, और और पैसा न देने पर हमला किया गया। पुलिस ने उस समय प्रीतम और राजीव की ओर से अलग-अलग रिपोर्टें दर्ज कर ली थीं।
हाईकोर्ट में पुलिस ने कहा, हमला ‘जानलेवा’
प्रीतम का कहना है कि विवेचक ने शुरू में निष्पक्ष जांच की। आरोपियों के हाईकोर्ट में स्टे की कोशिश पर पुलिस ने कोर्ट में बताया कि गंभीर धाराएं जोड़ी जा चुकी हैं। जिला जज कोर्ट में अग्रिम जमानत में भी पुलिस ने यही स्टैंड रखा। यानी एक ही विवेचक और एक ही थानेदार पूरी प्रक्रिया में जानलेवा हमले की बात को सही बताते रहे।
लेकिन अब… कोर्ट में धाराएं कम करने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि तीन दिन पहले पुलिस ने मयंक वर्मा समेत चार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, लेकिन इस बार धारा 109 और 117 (2) का जिक्र ही नहीं किया।।यही वह बिंदु है जिसने पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े कर दिए। प्रीतम का सीधा आरोप है “पूर्ण विवेचना के दौरान जब पुलिस खुद हाईकोर्ट में कहा कि यह जानलेवा हमला है, तो अब अचानक धाराएं हटाने का क्या आधार है? यह सेटिंग है।”पीड़ित ने तर्क दिया कि आरोपी पूर्व विधायक के पौत्र हैं। स्थानीय सपा नेता से जुड़े हुए हैं। क्षेत्र में दबंग प्रवृत्ति के रूप में पहचान है। प्रशासन में दाखिल और असर रखते हैं।।पीड़ित ने यह भी कहा “हमें अपनी और परिवार की जान का खतरा है। देवरनिया पुलिस से न्याय की उम्मीद नहीं।”
एसएसपी से जांच की मांग, किसी को डरने की जरूरत नहीं
उन्होंने बताया कि एसएसपी अनुराग आर्य से मुलाकात कर पूरी बात बताई थी। बोले – एसएसपी साहब ने ने कहा “धाराएं कम करने का आरोप गंभीर है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। कोई भी व्यापारी या नागरिक डरने की जरूरत नहीं है।”
