हादसे की सूचना पर डीएम- एसएसपी पहुंचे, कृषक दुर्घटना बीमा के तहत मिलेगा मुआवजा
कौशांबी : उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद में सोमवार को दर्दनाक हादसा हो गया। सिराथू तहसील के टीकरडीह गांव स्थित पिपरहाई तालाब से मिट्टी खोदते समय अचानक मिट्टी का टीला ढह गया। इसमें नौ लोग मलवे में दब गए। इस भीषण हादसे में देवरानी-जेठानी समेत पांच महिलाओं की मौत हो गई, जबकि चार गंभीर रूप से घायल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद देने के निर्देश दिए हैं।
पुताई के लिए मिट्टी खोदते समय हुआ हादसा

नगर पालिका परिषद भरवारी के वार्ड नंबर 6 बालाजी नगर स्थित पिपरहाई तालाब से ग्रामीण पारंपरिक रूप से घरों की पुताई के लिए मिट्टी खोदते हैं। सोमवार सुबह करीब साढ़े सात बजे, भट्ठा मजदूर अवधेश सरोज की पत्नी ममता (35 वर्ष), उनकी देवरानी लालती देवी (35 वर्ष) पत्नी राजेश कुमार, स्वर्गीय छोटेलाल की पत्नी कछरही देवी (65 वर्ष), कछरही की बहू मैना देवी (22 वर्ष) पत्नी राजू, बेटा सुग्गन उर्फ आक्रोश (30), सुमन उर्फ उमा देवी (18 वर्ष) पुत्री मायादीन, खुशी (17 वर्ष) पुत्री मूलचंद्र, सपना (16 वर्ष) पुत्री भरतलाल और लखनी देवी (40) मिट्टी खोदने गए थे। तभी अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा भरभरा कर ढह गया और सभी लोग दब गए।
चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीण, पुलिस और प्रशासन मौके पर
चीख-पुकार सुनते ही गांव के लोग मौके पर दौड़े और मलवा हटाने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने ही दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। इसी दौरान कोखराज कोतवाली के प्रभारी चंद्रभूषण मौर्या और सिराथू के एसडीएम योगेश कुमार गौड़ भी घटनास्थल पर पहुंचे। तत्काल दो एंबुलेंस के जरिए घायलों को कौशांबी मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
पांच की मौके पर ही मौत, चार गंभीर घायल
विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर डॉक्टरों ने ममता देवी, लालती देवी, वृद्धा कछरही देवी, खुशी और सुमन उर्फ उमा को मृत घोषित कर दिया। वहीं सपना, मैना, सुग्गन और लखनी देवी का इलाज जारी है। सभी घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया है।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, आर्थिक मदद का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश भी डीएम को दिए गए हैं।जिलाधिकारी ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहायता करेगी। डीएम ने बताया कि मृतकों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान कर दी जाएगी और घायलों के इलाज पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
गांव में मातम का माहौल, हर आंख नम
टीकरडीह गांव समेत अस्पताल और मोर्चरी तक करुण क्रंदन का माहौल है। घर के तीन-तीन सदस्यों को एक साथ खोने वाले परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतकाओं के छोटे-छोटे बच्चों की चीखें दिल दहला देने वाली थीं। सपना और खुशी, जो पढ़ाई के सपने देख रही थीं, अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
हादसे के पीछे अधिक खनन बताया जा रहा कारण
ग्रामीणों के अनुसार, पिपरहाई तालाब की मिट्टी विशेष प्रकार की है जो पुताई में चूने जैसी चमक देती है। इसी वजह से अधिक लोग वहां मिट्टी लेने आते हैं। अत्यधिक मिट्टी निकाले जाने से टीला कमजोर हो चुका था, जो अचानक ढह गया और यह बड़ा हादसा हो गया।
