CMO की रिपोर्ट के बाद DM का एक्शन, जांच में मिली लापरवाही
बरेली : यूपी के बरेली में जिलाधिकारी (डीएम) अविनाश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जननी सुरक्षा कार्यक्रम और आशाओं द्वारा लाभार्थियों को निजी अस्पतालों में प्रसव कराने की शिकायतों की समीक्षा की गई। सीएमओ की टीम की जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की गई। बैठक के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहेड़ी से यह रिपोर्ट सामने आई कि समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शीशगढ़ की कुछ आशा कार्यकर्ताओं द्वारा गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल के बजाय निजी चिकित्सालय में प्रसव कराने के लिए ले जाया जा रहा है। जिससे सरकारी योजना प्रभावित हो रही है।
आशा की सेवा समाप्त, एएनएम पर विभागीय कार्रवाई
शीशगढ़ के ग्राम बंजरिया की संविदा आशा वर्कर सुमनलता लाभार्थी को निजी अस्पताल ले जाकर प्रसव कराने का दोषी पाया गया। डीएम ने तुरंत प्रभाव से आशा की सेवा समाप्त करने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही एएनएम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, शीशगढ़ में शिकायत की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा एक समिति गठित की गई थी।
लंबे समय से थे आरोप
जांच में खुलासा हुआ है कि सुमनलता (संविदा स्टाफ नर्स) और पूनम देवी (नियमित ANM), यह दोनों लाभार्थियों को निजी अस्पताल में प्रसव कराने के लिए प्रेरित करती थीं। इन दोनों को दोषी पाया गया। जिसके चलते डीएम के निर्देश पर संविदा नर्स सुमनलता की सेवा समाप्त की गई है। ANM पूनम देवी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही होगी
कार्य सुधार की चेतावनी
बैठक में आयुष्मान भारत आरोग्य मंदिरों में सीएचओ की 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। शहरी स्वास्थ्य इकाइयों संतनगर, शेरअली गौटिया, कालीबाड़ी, जसोली में कार्य सुधार लाने को कहा गया। टीकाकरण विरोध करने वाले परिवारों की सूची जिला पूर्ति अधिकारी को देने के निर्देश दिए गए। ई-कवच और आभा आईडी पंजीकरण की समीक्षा- 10 दिनों में सभी पोर्टल से डाटा उपलब्ध कराने का आदेश दिए गए हैं।
