नेटवर्क नहीं, सैलरी रोक दोगे?, शिक्षक बोले- पढ़ाने आए हैं, तकनीशियन नहीं!
बरेली : बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में बच्चों की हाजिरी डिजिटल तरीके से दर्ज करने की नई व्यवस्था अब शिक्षकों के लिए सिरदर्द बन चुकी है। सिस्टम में लगातार तकनीकी खामियाँ आने के बावजूद बीएसए की ओर से चेतावनी जारी की गई कि डिजिटल हाजिरी नहीं भेजी तो पूरे स्कूल स्टाफ का वेतन रोक दिया जाएगा। इसी आदेश से परेशान शिक्षक और प्रधानाध्यापक गुरुवार शाम बीएसए कार्यालय पहुंचे और जोरदार विरोध दर्ज कराया।।शिक्षकों के अनुसार, हाजिरी दर्ज करने की समय-सीमा सुबह 9:00 से 10:00 बजे, लेकिन इस दौरान टैबलेट हैंग / ऐप क्रैश / सर्वर डाउन / नेटवर्क गायब है। हाजिरी मार्क करने के बाद डेटा सिंक नहीं होता, और रिकॉर्ड अपडेट नहीं होता।
जानें क्या बोले शिक्षक
इज्जतनगर की प्रधानाध्यापिका ने बताया कि “उपस्थिति दर्ज की लेकिन सिस्टम ने उसे सेव नहीं किया। आखिर गलती किसकी है?”कंपोजिट स्कूल, बारादरी के प्रधानाध्यापक बोले “नेटवर्क इतना कमजोर कि हर क्लिक के साथ 5 बार Retry करना पड़ता है।” प्राथमिक विद्यालय सरनिया में स्थिति और भी खराब है। उपस्थिति दर्ज होने के बाद भी सिस्टम बार-बार Failed दिखा देता है।
यह सिर्फ ग्रामीण समस्या नहीं
शहर में जहां खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और डिजिटल सहायता स्टाफ खुद मौजूद है, उसी परिसर के प्रधानाध्यापक मो. ताहिर अकबर भी हाजिरी दर्ज नहीं कर सके। यह साफ संकेत है कि समस्या पूरा सिस्टम स्तर पर है, सिर्फ कुछ क्षेत्रों में नहीं।
शिक्षकों ने कहा- “तकनीक ठीक करो, तब सख्ती करो
विरोध में जुटे शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट कहा “जब टैबलेट, ऐप और सर्वर ही ठीक से काम नहीं कर रहे, तो हमारी सैलरी रोकने की बात कैसा न्याय?”
“हम बच्चे पढ़ाने आए हैं… दिनभर ‘Loading… Please Wait’ देखने नहीं!”शिक्षकों का कहना है कि सिस्टम की खामियों में पूरा समय खर्च हो रहा है, शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। शिक्षक संगठनों ने मांग रखी, पहले टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जाए।।डिजिटल व्यवस्था स्थिर होने तक वेतन रोकने वाला आदेश वापस लिया जाए। 9–10 बजे की समयसीमा बढ़ाई जाए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल हाजिरी पारदर्शिता के लिए जरूरी, लेकिन शिकायतों की समीक्षा की जाएगी। समाधान की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
