बहराइच: ट्रांस गेरुआ क्षेत्र में बुधवार देर शाम एक भयानक नाव हादसा हुआ। यात्रियों से भरी नाव अनियंत्रित होकर कौड़ियाला नदी में पलट गई, जिसमें एक महिला की मौत हो गई। जबकि 13 लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए। हादसे में घायल और दुखी सोनापति ने अस्पताल में बताया हम नाविक से कहित रहेन अधेंर होत है, जल्दी चलो भैया। लेकिन हमार बात कोऊ नहीं सुना। पानी में एक बड़ा पेड़ पड़ा रहै, बस नाव पलटि गे। हम तो बचि गएन, लेकिन पांच साल की नातिन और दो नाती बहि गे।”
लापता बच्चों और यात्रियों की तलाश जारी
अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में अभी भी आठ लोग लापता हैं, जिनमें चार नाबालिग शामिल हैं। लापता लोगों में शामिल हैं-
भरथापुर निवासी नाव चालक मिहीलाल (40) और शिवनंदन (50)
कोमल (5), पुत्री पंचम, निवासी मटेरा के दाड़े पुरवा
सुमन देवी (28) पत्नी प्रमोद और उनकी बेटी सुहानी (5)
ओमप्रकाश (30) और उसका छोटा भाई मीनू (5)
शिवम (11) पुत्र रामनरेश
बताया गया कि मासूम कोमल अपने मामा नरेश और नानी सोनापति के साथ नाव में थी। हादसे में नानी और मामा सुरक्षित बच गए, लेकिन कोमल बह गई। इसी तरह ओमप्रकाश और मीनू अपनी दादी के साथ नाव में थे; दादी की मौत हुई और दोनों बच्चे लापता हैं।
बचाव अभियान और सुरक्षा व्यवस्था
हादसे के बाद एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और एसएसबी की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं। नाव में कुल 22 लोग सवार थे, जिनमें से 13 सुरक्षित निकले और एक महिला की मौत हुई। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि नाव सवार ज्यादातर भरथापुर के ग्रामीण थे, जो खैरटिया बाजार से लौट रहे थे।
बचाव दल बच्चों और अन्य लापता लोगों को खोजने के लिए लगातार नदी में खोज अभियान चला रहा है। अधिकारियों ने लोगों से सावधानी बरतने और नदी पार करते समय सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की है।
