गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ा, किसानों को बड़ा तोहफा
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गन्ना किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए गन्ने का समर्थन मूल्य (MSP) 30 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाने का ऐलान किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की स्थिति में ऐतिहासिक सुधार हुआ है।
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा किसानों की सम्पन्नता मोदी सरकार की प्राथमिकता रही है। सॉयल हेल्थ कार्ड, न्यूनतम समर्थन मूल्य, प्रधानमंत्री सम्मान निधि ये सभी योजनाएं किसान को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गईं। उन्होंने बताया कि आज देश में किसान किसी भी मंडी में बिना टैक्स अपना उत्पाद बेच सकता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 6000 रुपये की वार्षिक सहायता किसानों को साहूकारों के जाल से निकालने में मदद कर रही है।
योगी बोले किसान अब घाटे में नहीं, समृद्धि की राह पर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गन्ना किसानों की मांग पर यह मूल्य वृद्धि एक ऐतिहासिक फैसला है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में गन्ना मूल्य में 86 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की गई है। 2017 से पहले गन्ने की खेती घाटे का सौदा बन गई थी, लेकिन भाजपा सरकार ने हालात बदल दिए।
योगी ने कहा किसानों को अपमानित कर कोई देश समृद्ध नहीं हो सकता। चौधरी चरण सिंह जी कहा करते थे देश की समृद्धि का रास्ता खेत और खलिहानों से होकर गुजरता है। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा सरकार बनते ही 86 लाख किसानों के कर्ज माफ किए गए, 23 लाख किसानों को सिंचाई योजना का लाभ मिला और 16 लाख निजी नलकूपों का बिजली बिल माफ किया गया। उन्होंने कहा कि अब किसान सीधे मंडियों में बेचते हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो गई है।
यूपी बना शुगर हब 122 चीनी मिलें चल रहीं, 30 लाख हेक्टेअर में गन्ना
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन में तीसरे स्थान पर था, लेकिन अब राज्य नंबर एक पर पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार ने अब तक 42 चीनी मिलों का विस्तार किया है, 4 नई मिलें स्थापित की हैं और एथेनॉल व डिस्टिलरी परियोजनाओं के जरिए शुगर उद्योग को नई दिशा दी है। आज प्रदेश में 122 चीनी मिलें सक्रिय हैं और गन्ने का रकबा 20 लाख से बढ़कर 30 लाख हेक्टेअर तक पहुंच चुका है। योगी ने कहा आज कोई नहीं कह सकता कि मिलें बंद होंगी। अब निवेश बढ़ रहा है, उन्नत बीज मिल रहे हैं और गन्ना किसानों की आमदनी दोगुनी हुई है।
उन्होंने यह भी बताया कि दो-तीन मिल समूहों को छोड़कर अधिकांश ने गन्ना भुगतान पूरा कर दिया है, और जो बाकी हैं उनसे जल्द भुगतान कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तर प्रदेश के ढाई करोड़ किसान गन्ने से जुड़े हैं और सिर्फ चीनी मिलें ही दस लाख से अधिक लोगों को रोज़गार दे रही हैं।
