सिख संगत, पंज प्यारे, कीर्तन जत्थों और स्कूली बच्चों ने किया शहर भ्रमण, लंगर और सेवा की मिसाल बनी संगत
बरेली : सिखों के प्रथम गुरु धन-धन श्री गुरु नानक देव जी महाराज के प्रकाश पूरब पर इस वर्ष भी शहर में श्रद्धा और भक्ति की अद्भुत झलक देखने को मिली। नानकमत्ता साहिब गुरुद्वारे (उत्तराखंड) से आई श्रद्धा से सुसज्जित पालकी साहिब को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। इसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज को सुशोभित कर शहर में नगर कीर्तन निकाला गया। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा सुभाषनगर से संगत, कमेटी सदस्यों और पंज प्यारे की अगुवाई में नगर कीर्तन शुरू हुआ, जो स्टेशन रोड, कचहरी, चौकी चौराहा, संजय कम्युनिटी हाल, बरेली कॉलेज, नगर निगम, पटेल चौक, हिंद टाकीज, बटलर प्लाज़ा होते हुए शाम को चौकी चौराहा स्थित गुरुद्वारे पर संपन्न हुआ।
रुद्रपुर का गतका प्रदर्शन बना मुख्य आकर्षण
रुद्रपुर से आए गतका दल ने अपने हैरान कर देने वाले तलवार चलाने और दांव-पेंच के प्रदर्शन से लोगों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। बच्चों और युवाओं में प्रदर्शन के दौरान बेहद उत्साह देखने को मिला।
लंगर और सेवा की भावना का अद्भुत संगम
नगर मार्ग पर जगह-जगह लंगर सेवा के स्टॉल लगाए गए। हर धर्म और हर वर्ग के लोगों ने नगर कीर्तन का स्वागत कर आपसी भाईचारे और एकता का संदेश दिया। प्रचारक ताड़ी जत्था द्वारा स्टेज के माध्यम से श्रद्धालुओं और राहगीरों को गुरु नानक देव जी के तीन मूल सिद्धांतों की याद दिलाई गई। किरत करो मेहनत करो ईमानदारी से जीविका कमाओ, नाम जपो ईश्वर की भक्ति करो मन और आत्मा को शुद्ध करो
वंड छको बांटकर खाओ समाज सेवा और मानवता को प्राथमिकता दो,इन संदेशों ने संगत और राहगिरों के दिलों में भक्ति और प्रेरणा का वातावरण पैदा किया।
कमेटी के सभी सदस्यों का विशेष योगदान
नगर कीर्तन को सफल बनाने में इनका उल्लेखनीय सहयोग रहा।
संरक्षक सुरिंदरजीत सिंह छाबरा
अध्यक्ष मनजीत सिंह नागपाल
महासचिव परदमन सिंह
सदस्य एवं सेवादार अमरीक सिंह, गुरविंदर सिंह, मिंटू चावला, हरप्रीत सिंह गोलू, साहिब सिंह, भूपिंदर सिंह, हरभजन मोंगा, इंदरपाल सिंह, मिक्की जोहर, रवि अरोरा, किरपाल सिंह एवं पूरी संगत।
