आगरा: 22 अक्टूबर की रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। पाइप गन से बम फोड़ने का खेल 17 साल के एक छात्र की जिंदगी छीन ले गया। धमाका इतना तेज था कि गन की नाल पर रखा स्टील का गिलास फट गया। उसके टुकड़े सीधे छात्र के सीने में जा धंसे। कुछ ही सेकंड में वह कराहते हुए जमीन पर गिर पड़ा और फिर अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
यह हादसा थाना किरावली के अभुआपुरा गांव का है। पुलिस के मुताबिक, रविंद्र राणा का बेटा आकाश अपने दो दोस्तों लवकुश और अंशु के साथ राणा कोल्ड स्टोर के पास पटाखे छोड़ रहा था। तीनों ने पाइप गन में गंधक और पोटाश भरकर धमाका करने का तरीका अपनाया था। ऊपर से उन्होंने स्टील का गिलास रख दिया। जैसे ही धमाका हुआ, गिलास के टुकड़े तेज रफ्तार में चारों तरफ बिखर गए। एक टुकड़ा आकाश के सीने में जाकर धंस गया।
धमाके के बाद आकाश ने दर्द से कराहते हुए सीने पर हाथ रखा और भागने की कोशिश की। उसके दोस्त कुछ समझ नहीं पाए कि हुआ क्या। कुछ ही पलों में आकाश वहीं गिर पड़ा। उसके सीने से खून बहने लगा। घबराए दोस्त और परिवार वाले उसे तुरंत पास के ट्यूलिप हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन साकेत हॉस्पिटल गए, लेकिन वहां भी हालत नाजुक देख उसे एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बेटे की मौत के बाद परिवार सदमे में आ गया। मां नगीना, पिता रविंद्र, छोटी बहन सुहाना और भाई अवधेश का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजन पोस्टमॉर्टम कराने को तैयार नहीं थे, लेकिन पुलिस के समझाने के बाद आखिरकार राजी हो गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों को आकाश के दिल के पास से स्टील के गिलास का टुकड़ा मिला।
थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में यह हादसा खेल-खेल में हुए धमाके के कारण हुआ है। बच्चों ने पाइप गन पर स्टील का गिलास लगाकर प्रयोग किया, जो फट गया और हादसे में आकाश की जान चली गई। परिजनों ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है।
आकाश की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। दीपावली के बाद घर में भाईदूज की तैयारियां चल रही थीं। छोटी बहन सुहाना ने अपने भाई के तिलक की सारी तैयारी कर ली थी, लेकिन अब वही त्योहार मातम में बदल गया। गुरुवार शाम को किरावली के कागारौल मार्ग स्थित श्मशान घाट पर आकाश का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घर में अब सिर्फ सन्नाटा और यादें बची हैं।
