बरेली / लखनऊ : दिवाली के जश्न के बाद उत्तर-पश्चिमी भारत में वायु-गुणवत्ता में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। फायरवर्क्स (पटाखों) के धुएँ के साथ मौसमी स्थितियाँ (ठंडी और शांत हवाएँ) मिलकर PM2.5 और PM10 कणों का स्तर अचानक बढ़ा रहे हैं। जिससे कई शहर जोखिम-स्तर (Unhealthy / Severe / Hazardous) में पहुँच गए हैं। देश की राजधानी दिल्ली का AQI बहुत तेज़ी से बढ़ा है, यहां दोपहर 12 बजे तक 312 था, जो सुबह 400 से अधिक पहुंच गया था, और कई स्टेशन ‘Severe/Hazardous’ श्रेणी में पहुँच गए हैं। कुछ स्टेशन 300–400+ AQI रीडिंग दिखा रहे हैं। स्थिति गंभीर है, सर्दियों के शुरुआती दिनों में यह और बिगड़ सकती है। हालांकि, देश का सबसे प्रदूषित शहर दरियापुर है। यहां का एक्यूआई 639 है, तो वहीं हरियाणा के रोहतक का 528, दोपहर 11 बजे यूपी के गाजियाबाद का 293, बागपत 238,नोएडा का 226, हापुड़ 220, यूपी की राजधानी लखनऊ में रीयल-टाइम रिपोर्ट्स में AQI ‘Severe / बहुत खराब’ रेंज में दर्ज हुआ। यहां 208 था। हालांकि, सुबह यह 300 के पार था। रीयल-टाइम मॉनिटरिंग पर रामपुर में AQI ‘Severe / Unhealthy’ श्रेणी में है, PM2.5 के स्तर उच्च दर्जे पर हैं। रामपुर और मुरादाबाद में 200 के करीब था। इटावा व आस-पास के इलाकों में AQI ‘Unhealthy’ रेंज में नजर आ रहा है, विशेषकर रात-दिन के तापमान में गिरावट के साथ प्रदूषक जम रहे हैं। (इक्विवेलेन्ट स्थानीय स्रोतों ने भी एटा का AQI ~200 दिखाया)। कई रिपोर्टों के अनुसार इन शहरों में दिवाली के बाद PM2.5 कणों में तीव्र वृद्धि हुई — और दिल्ली समेत कुछ शहर अभी दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में ऊपर बने हुए हैं (IQAir द्वारा सालाना / चल फ़ीड में शीर्ष प्रदूषित शहरों की रिपोर्ट प्रकाशित होती रही है)
बरेली का हाल, ताज़ा रीडिंग और समझ
बरेली (Real-time snapshot): IQAir और स्थानीय AQI डैशबोर्ड के ताज़ा आंकड़े के मुताबिक बरेली का वायु-गुणवत्ता फिलहार “Unhealthy for sensitive groups / Moderate–Unhealthy सीमा के आसपास” का संकेत दे रहा है। साइटों पर PM2.5 ~35–80 µg/m³ और PM10 उच्चतम पैमाने पर दिख रहे संकेत हैं। इसका मतलब सांस संबंधी संवेदनशील लोगों (बच्चे, बुज़ुर्ग, सांस की बीमारी वाले) को बाहर जाने में सावधानी बरतनी चाहिए।
सेहत के लिए चेतावनियाँ
PM2.5 का उच्च स्तर फेफड़ों और हृदय पर असर डालता है, खासकर बच्चों, बुज़ुर्गों और अस्थमा/दिल के रोगियों के लिए जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए हिफाजत को मास्क (N95/KN95/FFP2) पहनें, बाहर कसरत/दौड़-धूप टालें, घर में एयर-प्यूरिफायर या ताज़ा हवा फिल्टर का उपयोग करें, और हाथ/आंखों को साफ रखें। अगर सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बताया जाता है कि मौसम में बदलाव और पटाखों का धुआँ (Diwali fireworks) दिवाली के फायरवर्क्स से रातोंरात PM2.5 और PM10 का तीव्र उछाल आता है। खासकर जब हवाएँ धीमी हों तो प्रदूषक जमीन पर रुक जाते हैं। रात के ठंडे और शांत मौसम में वायु- संक्रामक निचले स्तर पर जमा होते हैं। वाहन, औद्योगिक धुआँ, रासायनिक/कृषि जले हुए पदार्थ (खासकर आस-पास राज्यों में खेती के जलने से) भी योगदान करते हैं।
