इलाहाबाद : वृंदावन स्थित प्रसिद्ध श्री बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के समय बढ़ाए जाने को लेकर उठे विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल अवमानना याचिका पर आज सुनवाई होनी थी, लेकिन यह सुनवाई बृहस्पतिवार को टल गई। यह अवमानना याचिका गौरव गोस्वामी की ओर से दाखिल की गई है। याचिका में कहा गया है कि मंदिर के दर्शन-पूजन के समय में बदलाव हाईकोर्ट के पुराने आदेश की अवहेलना है।
दरअसल, वर्ष 2022 में दायर जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंदिर में दर्शन-पूजन के समय में किसी भी तरह का बदलाव करने पर स्पष्ट रोक लगा दी थी याचिकाकर्ता का कहना है कि इसके बावजूद मंदिर प्रशासन ने दर्शन का समय बढ़ा दिया, जो अदालत के आदेश का उल्लंघन है। इस संबंध में गौरव गोस्वामी ने अदालत से कठोर कार्रवाई की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मंदिर की भीड़भाड़ और व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई थी। इसी के तहत सर्वोच्च न्यायालय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति अशोक कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है, जो मंदिर के दैनिक कार्य और प्रबंधन की निगरानी कर रही है।
श्री बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में दर्शन के समय और व्यवस्था को लेकर प्रशासन व पुजारी समाज के बीच अक्सर मतभेद सामने आते रहे हैं।
फिलहाल, इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई अब अगली तारीख पर होगी।
अदालत के आदेश पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह फैसला मंदिर के दर्शन समय और प्रबंधन प्रणाली को लेकर भविष्य की दिशा तय कर सकता है।
