लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा अपराधियों को बचाती है और जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए आंकड़ों की बाजीगरी करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश हत्या, अपहरण और महिला अपराध में देशभर में नम्बर वन है।
2023 में दर्ज आंकड़े
223 बच्चों की हत्या
19 बलात्कार के बाद हत्या
8,160 बच्चों का अपहरण
2,141 दहेज हत्या के मामले
15,074 महिलाओं के अपहरण व बंधक बनाने की घटनाएं
अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार कानून-व्यवस्था पर शून्य अंक पाती है। राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश भर में महिलाओं से छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग, बच्चियों से दुष्कर्म और कमजोर वर्गों की जमीनों पर कब्जा जैसी घटनाएं रोज सुर्खियों में रहती हैं। किसानों और दलितों की स्थिति पर सवाल किया। बोले – भाजपा राज में किसानों की दुर्दशा बढ़ गई है। खाद न मिलने से कई किसानों की लाइन में मौत हो गई। बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला। कर्ज और शोषण से परेशान किसान आत्महत्या कर रहे हैं। दलितों के उत्पीड़न में भी यूपी नम्बर वन है। 15,130 मामले दलितों पर अपराध के दर्ज हुए। भाजपा सरकार में जाति-धर्म देखकर कार्रवाई होती है।
भाजपा की विदाई तय
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि “2027 में भाजपा की विदाई तय है और समाजवादी पार्टी सत्ता में लौटेगी।”उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बुलडोजर राजनीति से असली मुद्दों पर पर्दा डाल रही है लेकिन जनता अब गुमराह नहीं होगी।
“अखिलेश यादव ने पंडित छन्नूलाल मिश्र के निधन पर जताया शोक, कहा– भारतीय संगीत को अपूरणीय क्षति”
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र (91 वर्ष) के निधन पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया ने एक महान विभूति खो दी है।
संगीत की दुनिया में पंडित मिश्र का योगदान
पंडित छन्नूलाल मिश्र को पद्म विभूषण और यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वे किराना घराना और बनारस घराने की गायकी के महारथी थे। खयाल, ठुमरी, दादरा, कजरी, चैती और भजन गायन में उन्हें विशेष महारथ हासिल था। “पंडित छन्नूलाल मिश्र का निधन भारतीय शास्त्रीय संगीत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।”
