दिशा पाटनी केस: पहली टीम नाकाम, दूसरी टीम ने चलाई गोलियां… गैंग का था बड़ा प्लान!
लाल जूतों से ट्रेस हुआ ‘हेकड़ रविंद्र’, CCTV ने खोली पूरी पोल!
बरेली/लखनऊ : बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग की गुत्थी धीरे-धीरे खुल रही है। जांच में पता चला कि हरियाणा का कुख्यात शूटर रविंद्र खुद को बेहद चालाक और दिलेर समझता था, लेकिन उसकी एक चूक- लाल रंग के Puma जूते ने पुलिस को उसकी असलियत तक पहुंचा दिया।
CCTV ने खोला राज
रविंद्र वारदात के बाद बेहद कैजुअल अंदाज़ में बरेली के झुमका चौराहे पर 22 मिनट तक चाय पीता रहा। उसने हमेशा चेहरा खुला रखा और कहीं भी शक पैदा नहीं होने दिया। वहीं, उसका साथी अरुण लगातार हेलमेट पहने रहा, इसलिए उसकी पहचान मुश्किल हुई, लेकिन रामपुर के एक होटल की फुटेज और लाल जूतों की CCTV झलक ने पुलिस को सही दिशा दे दी।
रामपुर होटल में रुके शूटर
11 सितंबर को पहली टीम के नाकाम होने के बाद रविंद्र और अरुण सीधे दिल्ली हाईवे पर निकले और रामपुर के ‘अपना पंजाब होटल’ में रुके। यहीं गैंग के सदस्यों ने प्लान बदला और टीम बी को दिशा पाटनी के घर फायरिंग का जिम्मा सौंपा।
नंबर प्लेट पर टेप चिपकाया
जांच में पता चला कि शूटरों ने अपाचे बाइक की नंबर प्लेट पर टेप चिपका दिया था। इसके बाद में जसौली की CCTV फुटेज में ये करतूत पकड़ में आई। बाइक दिल्ली और बागपत के लोगों के नाम से दर्ज है, लेकिन जांच में सामने आया कि इन्हें गिरोह ने इस्तेमाल के लिए लिया था।
यह था गैंग का मकसद
पुलिस के मुताबिक, गोल्डी बराड़-रोहित गोदारा गैंग का असली मकसद था UP में अपनी दहशत और रंगदारी का नेटवर्क फैलाना। पहली टीम की फायरिंग से पाटनी परिवार को पता भी नहीं चला। इसलिए गैंग ने संदेश देने के लिए दूसरी बार फायरिंग की।
परिवार ने सीएम और प्रशासन का जताया आभार
दिशा पाटनी के पिता जगदीश पाटनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि इतने कम समय में पुलिस ने कार्रवाई कर अपराधियों को मुठभेड़ में ढेर कर भयमुक्त समाज की मिसाल पेश की है।
