बैक-टू-बैक बेल से जेल से बाहर आने का रास्ता साफ
रामपुर/प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। रामपुर के चर्चित क्वालिटी बार जमीन कब्जा केस में हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। इसके साथ ही उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।
पिछले 9 दिनों में आजम खान को लगातार तीन मामलों में राहत मिली है। 10 सितंबर को डूंगरपुर प्रकरण में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर की थी। इसके बाद 16 सितंबर को छजलैट मामले और रास्ता जाम कर हंगामा करने के केस में रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें बरी किया। अब क्वालिटी बार केस में भी हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।
क्या है क्वालिटी बार कब्जा मामला?
यह मामला रामपुर के सिविल लाइंस इलाके में स्थित सईद नगर हरदोई पट्टी में क्वालिटी बार की जमीन पर कथित अवैध कब्जे से जुड़ा है। साल 2019 में राजस्व निरीक्षक अनंगराज सिंह की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शुरुआत में इस केस में चेयरमैन सैयद जफर अली जाफरी, आजम खान की पत्नी डॉ. तजीन फातिमा और बेटे व पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को नामजद किया गया था। बाद में विवेचना के दौरान आजम खान को भी आरोपी बनाया गया।
राजनीतिक रंजिश का आरोप
रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद आजम खान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनकी ओर से अधिवक्ता इमरानउल्लाह ने दलील दी कि आजम खान को इस केस में राजनीतिक रंजिश के चलते फंसाया गया है। जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार को उन्हें जमानत दे दी।
जेल से बाहर आने की उम्मीद
लगातार बैक-टू-बैक राहत मिलने से अब आजम खान के जेल से बाहर आने की संभावना और बढ़ गई है। उनके खिलाफ दर्ज अधिकांश मामलों में अब तक जमानत मंजूर हो चुकी है।
