कबाड़ समझा, लेकिन 100 साल पुराना भाप से चलने वाला Tractor
बरेली :यूपी के बरेली में रुहेलखंड नहर विभाग की खुदाई में ऐसा नज़ारा सामने आया। जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। झाड़ियों और घास-फूस के बीच दबा पड़ा अंग्रेज़ों के ज़माने का सौ साल पुराना भाप से चलने वाला ट्रैक्टर बरामद हुआ है। कभी खेतों की गहरी जुताई, अनाज की थ्रेसिंग और नहर व सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाला यह ट्रैक्टर अब विभाग की शान और धरोहर बनने जा रहा है।
कबाड़ समझा, लेकिन निकला इंजीनियरिंग का करिश्मा
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रुहेलखंड नहर खंड-3 के सहायक अभियंता अजीत कुमार ने मीडिया को बताया कि डिवीजन ऑफिस के पीछे खुदाई के दौरान लोहे की एक आकृति दिखाई दी। शुरू में इसे कबाड़ समझा गया, लेकिन नज़दीक से देखने पर यह ब्रिटिश इंजीनियरिंग का चमत्कार निकला।
नए अधिशासी अभियंता ने निकलवाया बाहर
इस बीच विभाग में तबादले की प्रक्रिया हुई, और नए अधिशासी अभियंता सर्वेश चंद्र सिंह ने चार्ज संभालते ही क्रेन बुलाकर इस दुर्लभ धरोहर को बाहर निकलवाया। मिट्टी और झाड़ियों में दबा यह ट्रैक्टर धीरे-धीरे अपनी असली शक्ल में सामने आया।
खेतों और नहर निर्माण में होता था इस्तेमाल
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ब्रिटिश दौर में यह भाप से चलने वाला ट्रैक्टर खेतों की गहरी जुताई, नहर और सड़कों के निर्माण एवं भारी सामान ढोने जैसे कामों में उपयोग होता था। यह उस दौर की बड़ी तकनीकी क्रांति माना जाता था।
अब बनेगा धरोहर का प्रतीक
विभाग की योजना है कि इस इंजन को साफ-सुथरा कर और रंग-रोगन करके कैंट स्थित निरीक्षण भवन में प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस ब्रिटिश तकनीक को नज़दीक से देख सकें।निरीक्षण बरेली सैन्य क्षेत्र में है।
