लखनऊ : समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता, और पूर्व मंत्री भगवती सिंह की 93वीं जयंती आज पार्टी के राज्य मुख्यालय, 19 विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ में सादगी के साथ मनाई गई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भगवती सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री रेवती रमण सिंह ने की जबकि संचालन देवी बख्श सिंह एडवोकेट ने किया। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
2027 की निर्णायक घड़ी समाजवादी आंदोलन के लिए

एसपी चीफ अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में कहा कि “भगवती बाबू ने अपना पूरा जीवन समाजवादी विचारधारा और लोकतंत्र के संघर्ष को समर्पित किया। उन्होंने विकास को हमेशा प्राथमिकता दी और जनसामान्य की समस्याओं के निराकरण के लिए लगातार प्रयास किया।”उन्होंने कहा कि बख्शी का तालाब क्षेत्र में भगवती सिंह ने कई शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए। जिनसे हजारों युवाओं को लाभ हुआ। अखिलेश यादव ने वर्तमान हालात पर चिंता जताते हुए कहा, “आज प्रशासन बेलगाम है, शिक्षा पर संकट है और लोकतंत्र पर खतरा मंडरा रहा है। 2027 समाजवादी आंदोलन के लिए निर्णायक वर्ष होगा।”
जयंती पर हुए विशेष आयोजन

जयंती के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम हुए। इसमें मां चंद्रिका देवी मंदिर परिसर में भंडारा और कवि सम्मेलन,श्री चंद्रभानु गुप्ता कृषि महाविद्यालय में गोष्ठी, बख्शी का तालाब इंटर कॉलेज में हवन-पूजन हुआ। इस अवसर पर पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, सांसद धर्मेंद्र यादव, अवधेश प्रसाद, आर.के. चौधरी, राजेंद्र चौधरी, लाल बिहारी यादव, डॉ. मधु गुप्ता, जूही सिंह, रविदास मेहरोत्रा, श्याम लाल पाल सहित कई सांसद, विधायक और पूर्व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इसके अलावा मीना तिवारी (पुत्री जनेश्वर मिश्रा), फिदा हुसैन अंसारी, विजय बहादुर यादव, पायल सिंह, पूजा शुक्ला, सोनू कनौजिया समेत समाजवादी आंदोलन से जुड़े अनेक नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
