पुणे/ नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वीर सावरकर पर दिए बयान को लेकर चल रहे आपराधिक मानहानि मामले में पुणे की विशेष सांसद-विधायक अदालत में एक याचिका दायर की है। इस याचिका में उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताई है। राहुल के वकील मिलिंद पवार ने अदालत में कहा कि कथित “वोट चोरी” का पर्दाफाश करने और सावरकर पर टिप्पणी के बाद गांधी के खिलाफ धमकियों में इज़ाफ़ा हुआ है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भाजपा नेता आरएन बिट्टू ने गांधी को “आतंकवादी” कहा, जबकि तरविंदर मारवाह ने धमकी दी कि “राहुल का भी अपनी दादी इंदिरा गांधी जैसा हश्र होगा।”
शिकायतकर्ता पर किया सवाल
याचिका में कहा गया कि शिकायतकर्ता सत्याकि का सावरकर और नाथूराम गोडसे परिवार से संबंध है और वह अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर सकता है।
महात्मा गांधी की हत्या का जिक्र
राहुल गांधी के वकील ने याचिका में लिखा- “महात्मा गांधी की हत्या कोई आवेगपूर्ण घटना नहीं थी, बल्कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जो एक विशेष विचारधारा पर आधारित थी। यह हिंसा एक निहत्थे व्यक्ति पर जानबूझकर की गई थी। ऐसे इतिहास को खुद को दोहराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।”कोर्ट की अगली सुनवाई में यह मुद्दा अहम रहेगा। क्योंकि, यह केवल मानहानि का मामला नहीं, बल्कि सुरक्षा और राजनीतिक माहौल से जुड़ा एक गंभीर विषय बन चुका है।
