लखीमपुर खीरी/लखनऊ : यूपी के लखीमपुर जिले के भीरा मार्ग के पास स्थित ज्ञानपुर गांव में एक मासूम की नींद मौत में बदल गई। उसको तेंदुए ने आधी रात को चारपाई से उठा लिया। घटना में 6 वर्षीय बादल की दर्दनाक मौत हो गई। जिसका अधखाया शव सुबह गन्ने के खेत में मिला। बादल अपने पिता सुशील के साथ झोपड़ी के बाहर दरवाजे पर सो रहा था। रात में किसी जानवर ने उसे घसीट लिया। पिता के जागने तक सब कुछ देर हो चुका था।
पिता की चीखें, गांव की खामोशी
रातभर पुलिस और ग्रामीण तलाश करते रहे। मगर, बादल नहीं मिला।रात में बच्चे का सिर्फ पैर मिला।।मगर, सुबह को खेत में मिला अधखाया शव। सुशील तीन बच्चों का पिता है, बादल सबसे बड़ा था
जंगल से आई मौत, तेंदुआ या बाघ?
हालांकि, ग्रामीणों में तेंदुआ बनाम बाघ को लेकर भ्रम है, लेकिन वन विभाग ने पुष्टि की है कि यह लैपर्ड (तेंदुआ) का हमला था। इलाके में पिंजरा लगाकर निगरानी शुर की गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने और अकेले बाहर न जाने की सलाह दी है। रेंजर संजीव तिवारी ने बताया कि हमलावर तेंदुआ की पहचान हो चुकी है। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में मौजूद है।
मृतक के परिजनों को दी आर्थिक मदद
हादसे के बाद मृतक के परिजनों को तत्काल 10,000 की मदद दी गई। परिवार को 5 लाख मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह हादसा सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि गांव बनाम जंगल संघर्ष की चेतावनी है। बढ़ते जंगल अतिक्रमण और खेतों से सटे निवासों ने मानव-वन्यजीव टकराव को और गहरा कर दिया है।
