उन्नाव/लखनऊ: यूपी के उन्नाव जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है l यहां खनन विभाग के वरिष्ठ लिपिक (बाबू) संतोष कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया गया। एंटी करप्शन टीम ने यह कार्रवाई शाम डीएम ऑफिस के भीतर, पहले तल पर स्थित खनन विभाग कार्यालय में की। सूत्रों के मुताबिक, बाबू संतोष कुमार ने एक वाहन स्वामी से पेनाल्टी रिपोर्ट क्लियर कराने के एवज में पैसे की मांग की थी। इसकी शिकायत सीधे एंटी करप्शन संगठन से की गई। योजना के तहत टीम ने ऑफिस में छापा मारा और संतोष कुमार को दो बाहरी व्यक्तियों के साथ रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
ऑफिस में मची अफरातफरी
गिरफ्तारी के बाद अफरा-तफरी मच गई, और टीम ने तीनों आरोपियों को सदर कोतवाली ले जाकर कागजी कार्रवाई की। इसके बाद उन्हें लखनऊ एंटी करप्शन मुख्यालय भेज दिया गया। एंटी करप्शन टीम के अनुसार, पकड़े गए दो बाहरी युवक गंगा एक्सप्रेसवे और पीएनसी रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े हैं। ये वर्षों से खनन विभाग के फाइलों और दस्तावेजों का काम देख रहे थे, बिना किसी आधिकारिक नियुक्ति या इजाजत की। सबसे बड़ी लापरवाही ये रही कि डीएम ऑफिस में इन प्राइवेट कर्मचारियों की मौजूदगी पर कभी सवाल ही नहीं उठाया गया। अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निगरानी पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज
इस मामले के बाद जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। अब जांच के घेरे में यह बात भी है कि इन बाहरी युवकों को खनन विभाग में कैसे और किसकी शह पर काम करने दिया गया।
