गोरखपुर/लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर नगर निगम में आयोजित कार्यक्रम में 253 करोड़ की लागत से 177 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि “विकास में लगने वाला पैसा जनता का है। इसका सही और गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित होना चाहिए।”गोरखपुर ने स्वच्छता रैंकिंग में पिछले तीन वर्षों में 74वें से चौथे स्थान तक छलांग लगाई है, और अब लक्ष्य टॉप-3 में शामिल होना है। मुख्यमंत्री ने सफाई मित्रों और पार्षदों को सम्मानित किया और 12 नए सफाई वाहनों को हरी झंडी दिखाई। कार्यक्रम में प्रदेश का पहला अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल भी शुरू हुआ। जिसमें 110 ऑटोमैटिक वॉटर लेवल रिकॉर्डर लगे हैं, जो जलभराव से पहले अलर्ट भेजते हैं।
गोरखपुर अब मच्छरों और माफियाओं के लिए नहीं
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास और स्वच्छता के लिए गोरखपुर पहचान बन गई है। उन्होंने कहा कि “गोरखपुर अब मच्छरों और माफियाओं के लिए नहीं, विकास और स्वच्छता के लिए जाना जाएगा।”इस दौरान प्रमुख परियोजनाएँ शुरू की गई हैं। मडिजिटल लाइब्रेरी, को 2.05 करोड़, रामगढ़ ताल सौंदर्यीकरण फेज-2, 35.42 करोड़, वर्किंग वुमन हॉस्टल व को-वर्किंग स्पेस, 24.40 करोड़, नेहरू पार्क सौंदर्यीकरण, 26.80 करोड़, एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर, 2.55 करोड़, सड़क-नाली निर्माण (मलिन बस्तियों में), 60.52 करोड़, नकहा ओवरब्रिज मार्ग चौड़ीकरण, 12.14 करोड़,ट्रांसपोर्ट नगर और रानीडीहा में जोनल कार्यालय, 21.20 करोड़,अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल का लोकार्पण, जलभराव समाधान के लिए आधुनिक प्रणाली आदि का लोकार्पण किया गया।
यह सम्मानित चेहरे सम्मानित
सफाई मित्र बेलास, सोबराती, जग्गू, उर्मिला, अन्नू, पार्षद पूनम सिंह, अजय ओझा, गुंजा, रणंजय सिंह, आरती सिंह आदि, 1 लाख की आर्थिक सहायता: समीर पुत्र सुनील (सफाई मित्र कल्याण कोष से) दिया गया।
