बरेली : यूपी के बरेली शहर के इज्जतनगर थाना क्षेत्र निवासी पूर्व भाजपा विधायक स्व. केसर सिंह के परिवार में संपत्ति विवाद गहरा गया है। ये मामला अब थाने और कोर्ट तक पहुंच गया है। यहां परिवार के दो पक्ष आमने-सामने खड़े हैं। पूर्व विधायक की बड़ी बहू और पूर्व ब्लॉक प्रमुख बीनू गंगवार ने अपने देवर विशाल गंगवार और उनकी पत्नी डॉ. पारुल गंगवार पर गंभीर आरोप लगाकर इज्जतनगर थाने में तहरीर दी है। आरोप है कि सौ फुटा रोड स्थित अशर्फी बारातघर के पास बने शोरूम और दुकानों पर जबरन कब्जा किया गया, ताले तोड़े गए और मानसिक उत्पीड़न किया गया। इज्जतनगर थाने के एसएसआई जावेद अली ने “The Justice Hindi ” को बताया कि तहरीर आई है। बीनू गंगवार ने देवर और देवरानी पर आरोप लगाएं हैं। इस मामले में जांच कराई जा रही है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
जानें पूरा मामला?
बीनू गंगवार की तहरीर के मुताबिक, संपत्ति उनके नाम पर है और दुकानें उन्हीं ने किराए पर दी थीं। हाल ही में एक दुकान खाली हुई थी। जिस पर उन्होंने ताला डाला, लेकिन पारुल गंगवार ने भी ताला लगा दिया।“मेरी प्रॉपर्टी, मेरे किरायेदार, फिर ताले किस हैसियत से डाले?”, बीनू का सवाल।
चुनाव के नाम पर झांसा देने का आरोप
बीनू गंगवार का आरोप है कि 2022 के चुनाव में परिवार ने उन्हें एकजुटता के नाम पर बंटवारा टालने को कहा था, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब वादे भूल गए। उल्टा, उनके बेटे पर मुकदमा भी करवा दिया गया।
मानसिक उत्पीड़न और चेतावनी
पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने मीडिया को बताया कि, “बच्चों की पढ़ाई छूट गई है। मानसिक तनाव में हूं। अगर कुछ हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी विशाल और पारुल गंगवार की होगी।”
पुलिस जांच में जुटी, दस्तावेज लिए गए
इज्जतनगर थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि दोनों पक्षों को बुलाकर दस्तावेज लिए गए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। बीजेपी के पुराने नेता की विरासत पर विवाद शुरू हो गया है।
