हमीरपुर/लखनऊ : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग की एक चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। आगामी 27 जुलाई को होने वाली RO-ARO (समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी) भर्ती परीक्षा के लिए एक मृत अध्यापक की ड्यूटी लगा दी गई! यह मामला हमीरपुर जिले का है। यहां परीक्षा की तैयारी में जुटे शिक्षा विभाग की गलती ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, सुमेरपुर क्षेत्र के पंधरी कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैनात रहे अध्यापक रघुनाथ की सात महीने पहले एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बावजूद DIOS कार्यालय ने उन्हें परीक्षा केंद्र की ड्यूटी लिस्ट में शामिल कर दिया, और झलोखर स्थित राजाराम इंटर कॉलेज में उनकी तैनाती कर दी गई।
अब अधिकारी भी हैरान
यह मामला तब सामने आया, जब स्थानीय अधिकारियों ने अंतिम सत्यापन किया। अफसर हैरान रह गए कि एक मृतक को कैसे परीक्षा में ड्यूटी दी जा सकती है?।डीआईओएस महेश गुप्ता ने स्वीकार किया कि यह बड़ी लापरवाही हुई है। उन्होंने बताया कि अब रघुनाथ की जगह किसी और अध्यापक को ड्यूटी पर लगाया जा रहा है।
जानें कैसे हुआ ये ब्लंडर
हमीरपुर में पहली बार इस बड़े स्तर पर RO-ARO परीक्षा कराई जा रही है। इसके लिए प्रशासन ने 15 परीक्षा केंद्र बनाए हैं और 800 से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। लेकिन इतनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के बावजूद सत्यापन की कमी से यह शर्मनाक चूक हुई।
प्रशासन की तैयारी पर सवाल
ADM फाइनेंस विजय शंकर तिवारी ने पहले ही निर्देश दिए थे कि ड्यूटी लगाने में कोई लापरवाही न हो, लेकिन DIOS कार्यालय ने स्पष्ट निर्देशों की अनदेखी कर दी। अब विभाग में हड़कंप मच गया है, और सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर जमकर आलोचना हो रही है।
