बरेली : यूपी के बरेली देहात की नवाबगंज कोतवाली थाना क्षेत्र के बरोर गांव निवासी झम्मनलाल का शव 30 जनवरी, 2022 को गांव के घूरा के पास पड़ा था। यह सूचना गांव के लोगों ने मृतक के भाई मदन लाल को दी। जिसके चलते परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भाई मदन लाल ने आरोपी करन बाल्मीकि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में अपराध संख्या 345/2022 के तहत धारा 302 में नवाबगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया। कोतवाल अशोक कुमार कांबोज ने जांच की। कोर्ट में सुनवाई के दौरान एडीजे तबरेज अहमद ने सभी गवाहों को गंभीरता से सुनकर साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके बाद आरोपी करन बाल्मीकि को धारा 302 में आजीवन कारावास और एक लाख रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में पीड़ित की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश्वरी गंगवार, और आरोपी की तरफ से अधिवक्ता मंजू रानी ने पैरवी की थी।
एक माशूका दो दीवाने के चक्कर में मर्डर
इस मुकदमें के आरोपी सुनील कुमार मौर्य ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान बताया कि करन बाल्मीकि और झम्मन लाल एक ही युवती से प्रेम करते थे। युवती झम्मनलाल के घर के पास रहती थी। इसी बात को लेकर करन बाल्मीकि झम्मन लाल से नफरत करता था। जिसके चलते गला दबाकर हत्या कर दी गई। बताया जाता है कि करन बाल्मीकि ने उक्त लड़की से बातचीत के लिए मोबाइल दिया था। यह मोबाइल ही झगड़े की वजह बना था।
मोबाइल बना हत्या की वजह
यह हत्या मोबाइल को लेकर हुई थी। करन बाल्मीकि ने युवती को मोबाइल दिया था। यह मोबाइल युवती के भाई ने पकड़ लिया। इसके बाद काफी कहासुनी हुई। जिसके चलते करन बाल्मीकि को लगा कि झम्मनलाल ने मोबाइल पकड़वाया है। इसके बाद ही हत्या को अंजाम दिया। इस मामले में अदालत ने कहा कि यह मामला ‘क्रूरतापूर्ण हत्या’ की श्रेणी में आता है, और अपराध समाज के लिए एक
खतरनाक संकेत है।
