मुंबई : महाराष्ट्र में हिंदी बनाम मराठी विवाद एक बार फिर उफान पर है। इस बार मामला मुंबई के मीरा रोड से सामने आया है, जहां महाराष्ट्र नव निर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने एक फास्ट फूड स्टोर के कर्मचारी को केवल इसलिए पीट दिया। क्योंकि, वह मराठी नहीं बोल पा रहा था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसमें मनसे कार्यकर्ता स्टाफ को धमकाते और मारते दिखाई दे रहे हैं।
जानें पूरा मामला?
देखें वीडियो 👇🏻
https://youtube.com/shorts/pYWvUamDYmI?si=btzaBO-SbgaT2ETk
मुंबई के मीरा रोड स्थित एक फास्ट फूड स्टोर में कुछ युवक ग्राहक बनकर पहुंचे थे, जब एक कर्मचारी ने उनसे हिंदी में बात की, तो उन लोगों ने उसे मराठी में जवाब न देने पर गाली-गलौच करते हुए थप्पड़ मार दिए। वीडियो में देखा जा सकता है कि मनसे के कार्यकर्ता उस कर्मचारी से जबरन मराठी में बोलने को कहते हैं और फिर हिंसक व्यवहार करते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह पूरी घटना कुछ ही मिनटों में दुकान के बाहर तमाशे में तब्दील हो गई।
पहले भी कर चुके हैं ऐसा
यह कोई पहला मामला नहीं है, जब मनसे कार्यकर्ताओं ने हिंदी भाषी या उत्तर भारतीय लोगों को निशाना बनाया हो। बीते वर्षों में रेलवे भर्ती, टैक्सी परमिट और दुकानों के साइनबोर्ड को लेकर भी मनसे ने कई बार हिंदी भाषी लोगों पर हमला किया है। राज ठाकरे पहले भी “मराठी अस्मिता” के नाम पर उत्तर भारतीयों को बाहर निकालने जैसी बयानबाज़ी कर चुके हैं।
जनीतिक पृष्ठभूमि और नया विवाद
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे दोनों ने हाल ही में हिंदी की अनिवार्यता को खत्म करने की मांग की है। सूत्रों के मुताबिक, 5 जुलाई को होने वाली एक “विजय रैली” में मनसे द्वारा “हिंदी के खिलाफ मराठी चेतना” को मुद्दा बनाए जाने की भी संभावना है। इस रैली में शिंदे गुट के कई नेताओं के शामिल होने की बात सामने आ रही है। अब तक मीरा रोड पुलिस या मुंबई पुलिस की तरफ से इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर लोग इस चुप्पी की आलोचना कर रहे हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि वीडियो के आधार पर मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की जाए और गिरफ्तारी हो।
