मोबाइल पर दिखाया गया ISTP विभागीय ऐप पर निकला अमान्य, कैंट थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
बरेली : उत्तराखंड से बालू लादकर बरेली पहुंचा एक डंपर कथित तौर पर फर्जी इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) के सहारे खनिजों का परिवहन कर रहा था। डंपर चालक ने चेकिंग के दौरान मोबाइल पर ट्रांजिट पास दिखाकर बचने की कोशिश की, लेकिन खान विभाग के M-Check ऐप पर जांच होते ही पूरे मामले का खुलासा हो गया। विभागीय सत्यापन में पास अमान्य मिलने के बाद खान विभाग ने डंपर चालक, वाहन मालिक, पास जारी करने वाले व्यक्ति समेत अन्य संभावित संलिप्त लोगों के खिलाफ कैंट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। खान अधिकारी मनीष कुमार की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक,नकटिया चौकी के पास खनिजों के अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान उत्तराखंड से बालू लेकर आ रहे डंपर संख्या UP-25-FT-6552 को रोककर M-Check ऐप के माध्यम से जांच की गई। पहली जांच में वाहन का इंटर स्टेट ट्रांजिट पास उपलब्ध नहीं मिला।
मोबाइल पर दिखाया पास, ऐप पर खुल गई पोल
जांच के दौरान डंपर चालक शिव शंकर ने अपने मोबाइल फोन पर अधिकारियों को ट्रांजिट पास दिखाया। शुरुआत में पास पर वाहन और खनिज से संबंधित विवरण दर्ज थे, लेकिन अधिकारियों ने उसकी वास्तविकता जानने के लिए दोबारा विभागीय M-Check ऐप पर सत्यापन किया। जांच में पास के सामने स्पष्ट रूप से ISTP Invalid प्रदर्शित हुआ। इसके बाद विभाग को पास के फर्जी अथवा अमान्य होने का संदेह हुआ और मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
26 घनमीटर बालू का दर्ज था विवरण
विभागीय जांच में सामने आए संदिग्ध ट्रांजिट पास पर 26 घनमीटर साधारण बालू लदी होने का विवरण दर्ज था। इसमें बालू का लोडिंग स्थान उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के गांव इटावा को दर्शाया गया था। वहीं, प्रवेश जिला और गंतव्य जिला दोनों जगह बरेली दर्ज था। पास पर पांच नवंबर की रात करीब 1:40 बजे जारी होने का समय अंकित था। इसके अलावा ट्रांसपोर्टर के रूप में आरएस एसोसिएट्स का नाम और संबंधित डंपर का नंबर भी दर्ज किया गया था।
राघव इंश्योरेंस सर्विसेज का नाम भी जांच के दायरे में
खान अधिकारी की तहरीर के अनुसार, संदिग्ध ISTP पर जारीकर्ता के तौर पर राघव इंश्योरेंस सर्विसेज का नाम दर्ज था। हालांकि, विभागीय ऐप पर पास अमान्य पाए जाने के बाद अब यह जांच का विषय है कि इसे किसने तैयार किया और संबंधित नाम का इस्तेमाल किस तरह किया गया। पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि पास तैयार करने और डंपर के जरिए बालू के परिवहन में किन लोगों की भूमिका रही।
चालक और वाहन मालिक समेत कई लोगों पर FIR
खान अधिकारी मनीष कुमार ने कैंट थाने में तहरीर देकर डंपर चालक शिव शंकर, वाहन स्वामी, कथित फर्जी ISTP जारी करने वाले व्यक्ति और अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस और खान विभाग की जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि ट्रांजिट पास किसने तैयार किया था, इसका इस्तेमाल किसके कहने पर किया गया और क्या इस तरीके से दूसरे वाहनों के जरिए भी खनिजों का परिवहन किया जा रहा है। फिलहाल विभागीय ऐप पर पास अमान्य पाए जाने के बाद खनिज परिवहन में दस्तावेजों की सत्यता को लेकर यह मामला जांच के दायरे में है।
