योगी सरकार ने वर्ष 2025-2026 के लिए तदर्थ बोनस को दी मंजूरी, पात्र कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, 31 मार्च 2026 तक एक साल की सेवा पूरी करना जरूरी, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पूरी रकम नकद मिलेगी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों को बड़ा तोहफा देते हुए वर्ष 2025-2026 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस के भुगतान को मंजूरी दे दी है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद वित्त विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बृहस्पतिवार को शासनादेश जारी कर दिया। इस फैसले से राज्य कर्मचारियों के साथ सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को भी लाभ मिलेगा। सरकार ने बोनस भुगतान के लिए 75 फीसदी राशि भविष्य निधि खाते में जमा करने और 25 फीसदी नकद देने का फैसला किया है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस का लाभ?
शासनादेश के मुताबिक, बोनस का लाभ उन पूर्णकालिक अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलेगा, जिनका पद वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 (47,600 से 1,51,100 रुपये) या अपुनरीक्षित वेतनमान में 4,800 रुपये तक के ग्रेड पे में आता है। यदि किसी कर्मचारी को एसीपी के तहत इससे अधिक वेतन लेवल मिल रहा है, तब भी वह बोनस का पात्र होगा। इसके लिए जरूरी है कि कर्मचारी ने 31 मार्च 2026 तक एक वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली हो।
75 फीसदी GPF में, 25 फीसदी नकद मिलेगा
सरकार ने बोनस भुगतान के लिए नकद और बचत का मिश्रित फॉर्मूला तय किया है। इसके तहत कुल बोनस राशि का 75 फीसदी हिस्सा कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते में जमा किया जाएगा, जबकि शेष 25 फीसदी का नकद भुगतान होगा। जो कर्मचारी भविष्य निधि के सदस्य नहीं हैं, उन्हें यह राशि नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) या पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) के रूप में दी जाएगी। वहीं, 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके या 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को बोनस की पूरी 100 फीसदी धनराशि नकद दी जाएगी।
इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा बोनस
शासनादेश में बोनस के लिए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। वर्ष 2025-2026 के दौरान किसी कर्मचारी को विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही या आपराधिक मुकदमे में दंडित किया गया है तो उसे बोनस का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं, जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच या आपराधिक मुकदमा लंबित है, उनका बोनस जांच या मुकदमे का परिणाम आने तक स्थगित रहेगा। यदि संबंधित कर्मचारी जांच में दोषमुक्त हो जाता है तो उसे रोके गए सभी वर्षों का बोनस दिया जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के लाखों पात्र कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
