सपा प्रमुख ने कहा -लाठी बांटने वालों को नहीं, लैपटॉप बांटने वालों को चुनेगी जनता, SIR के बाद फॉर्म-6 के जरिए फर्जी वोट बढ़ाने की साजिश का लगाया आरोप
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा के खिलाफ सियासी हमला तेज कर दिया है। गुरुवार को लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), फॉर्म-6 और कथित वोट चोरी को लेकर भाजपा तथा निर्वाचन आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के बाद अब फॉर्म-6 के जरिए भाजपा अपने समर्थकों के फर्जी वोट बढ़वाने की कोशिश कर रही है।अखिलेश ने आधार कार्ड को बायोमेट्रिक व्यवस्था के जरिए मतदाता सूची से जोड़ने की मांग करते हुए कहा कि इससे चुनावी धांधली और वोट चोरी पर रोक लगाई जा सकती है। अखिलेश यादव ने भाजपा की पदयात्राओं को लेकर भी निशाना साधा।उन्होंने लखनऊ और कानपुर में यातायात प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की पदयात्रा से आम लोगों और मरीजों को परेशानी हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राज करने वाले ही अराजक हो गए हैं और भाजपा ही अराजकता है। वहीं, वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के गोस्वामी समाज के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान अखिलेश ने ब्रज क्षेत्र के विकास, वृंदावन को ए-ग्रेड नगर पालिका का दर् दिलाने और मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त करने का भरोसा दिया। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी उन्होंने राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों को लेकर कई तीखी टिप्पणियां कीं।
SIR के बाद फॉर्म-6 को लेकर भाजपा पर वोट बढ़ाने की साजिश का आरोप

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र के खिलाफ लगातार साजिश कर रही है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अब फॉर्म-6 के माध्यम से भाजपा समर्थकों के वोट बढ़वाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची पर विशेष निगरानी रखने की अपील की। अखिलेश ने कहा कि कार्यकर्ताओं को सतर्क रहना होगा, ताकि किसी भी तरह के फर्जी वोट बनने से रोके जा सकें।उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी को लेकर जनता में नाराजगी है, लेकिन निर्वाचन आयोग इस पर गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
आधार कार्ड को वोटर लिस्ट से जोड़ने की उठाई मांग
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़ने का सुझाव दिया।उन्होंने कहा कि आधार कार्ड को बायोमेट्रिक व्यवस्था के जरिए वोटर लिस्ट से जोड़ा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आधार कार्ड को मेटल का बनाए जाने का सुझाव भी दिया, ताकि उसका डुप्लीकेट बनाना मुश्किल हो। अखिलेश का कहना था कि इस तरह की व्यवस्था से फर्जी मतदान और वोट चोरी की आशंकाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। हालांकि, आधार को मतदाता सूची से जोड़ने और इसके लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने का उनका सुझाव एक राजनीतिक प्रस्ताव है, इसे मौजूदा निर्वाचन व्यवस्था का हिस्सा नहीं माना जाना चाहिए।
भाजपा को बताया माफियाओं का गैंग

भाजपा पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में प्रदेश में अराजकता और अव्यवस्था बढ़ रही है। उन्होंने भाजपा को माफियाओं का गैंग बताते हुए कहा कि पार्टी वोट चोरी, चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी जैसे आरोपों से घिरी हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता का भरोसा खो चुकी है। प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अन्याय और अत्याचार जैसे मुद्दों पर सरकार के पास जवाब नहीं है। किसानों, नौजवानों, व्यापारियों, छात्रों और कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता समाजवादी पार्टी की सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर लोकतंत्र, संविधान और जनता के मताधिकार की रक्षा की जाएगी। किसानों को फसलों का उचित मूल्य, नौजवानों को नौकरी और रोजगार तथा समाज के सभी वर्गों को सम्मान और न्याय देने का काम किया जाएगा।
भाजपा की पदयात्रा पर बरसे अखिलेश, बोले- लखनऊ और कानपुर में फैलाई ट्रैफिक अराजकता
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा की पदयात्रा को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के संरक्षण में भाजपा पूरे प्रदेश में पदयात्राओं के नाम पर अराजकता फैला रही है। लखनऊ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा की पदयात्रा के कारण आम लोगों के साथ मरीजों को भी यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इससे लखनऊ के लोग नाराज हैं। वहीं, कानपुर में त्योहार के समय निकाली गई पदयात्रा पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कानपुर पहले से ही जाम की समस्या से जूझ रहा है और भाजपा की पदयात्रा ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
सोशल मीडिया पर भी अखिलेश ने इसी मुद्दे पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, एक तो कानपुर का पहले से ही प्रसिद्ध जाम, ऊपर से भाजपाई पदयात्रा ने कर दिया झाम, अबकी जनता करेगी भाजपा का काम-तमाम।
उन्होंने कहा कि भाजपा ही अराजकता है और सत्ता में बैठे लोग ही अराजक हो गए हैं। उनके मुताबिक, जनता आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका जवाब देगी।
बोले- जनता लाठी बांटने वालों को नहीं, लैपटॉप बांटने वालों को चुनेगी

एसपी चीफ अखिलेश यादव ने भाजपा पर चुनावी लाभ के लिए सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास अपने कार्यकाल की उपलब्धियां बताने के लिए कुछ नहीं है। सरकार में बजट की लूट, भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दे बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने समाज में नफरत फैलाने का काम किया है और किसानों, नौजवानों, छात्रों तथा कर्मचारियों का शोषण किया है। स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है। सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है और चुनाव में भाजपा को सबक सिखाएगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता लाठी बांटने वालों को नहीं, बल्कि लैपटॉप बांटने वालों को चुनेगी। यह टिप्पणी भाजपा और सपा की राजनीतिक कार्यशैली के बीच अंतर बताने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
वृंदावन के गोस्वामी समाज से मिले अखिलेश, ब्रज क्षेत्र को हेरिटेज के रूप में विकसित करने का भरोसा
राजनीतिक हमलों के बीच अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में श्री बांके बिहारी मंदिर,वृंदावन के गोस्वामी समाज के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री कार्यकाल में मथुरा-वृंदावन में कराए गए विकास कार्यों के प्रति आभार जताया। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि वृंदावन को परंपरा और प्रगति के समन्वय से नया स्वरूप दिया जाएगा। ब्रज क्षेत्र को हेरिटेज के रूप में विकसित किया जाएगा और मंदिरों को सरकारीकरण से मुक्त किया जाएगा। उन्होंने वृंदावन को ए-ग्रेड नगर पालिका का दर्जा दिलाने का भी भरोसा दिया। प्रतिनिधिमंडल ने कुंज गलियों, गोवर्धन पर्वत और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास का सुझाव दिया। उनका कहना था कि वृंदावन को प्रकृति ने विशेष सौंदर्य प्रदान किया है और योजनाबद्ध विकास के जरिए इसे विश्वस्तरीय धार्मिक एवं पर्यटन स्थल बनाया जा सकता है प्रतिनिधिमंडल में रजत गोस्वामी, गोपेश गोस्वामी, आभास गोस्वामी और देव गोस्वामी शामिल रहे। इस अवसर पर डॉ. अशोक अग्रवाल और पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी भी मौजूद थे।
कथावाचकों को लेकर सोशल मीडिया पर अखिलेश की तीखी टिप्पणी
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक अन्य पोस्ट के जरिए कुछ कथित कथावाचकों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आयोजकों और प्रायोजकों से ऐसे कथावाचकों से दूरी बनाने की अपील की, जिन पर उन्होंने धार्मिक आयोजनों के मंच से अनर्गल और विवादित बयान देने तथा धर्म-कथा को व्यवसाय बनाने के आरोप लगाए। यह अपील कुछ दिन पहले बागेश्वर बाबा की कथित टिप्पणी के बाद आई है। अखिलेश ने लिखा कि ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिल सकता है, लेकिन उनके बयानों से पैदा होने वाले सामाजिक वैमनस्य का नुकसान स्थानीय आयोजकों और प्रायोजकों को उठाना पड़ सकता है। उन्होंने आयोजकों से ऐसे वक्ताओं के बजाय वैदिक, उपनिषद और महाकाव्यों के ज्ञान से समाज को सकारात्मक संदेश देने वाले विद्वानों को आमंत्रित करने की अपील की। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने चापलूसी और दोहरे मापदंडों पर तंज कसते हुए लिखा कि दूसरों पर आरोप लगाने वाले लोग अपने ऊपर लगे आरोप भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि समय से बड़ी किसी की अदालत नहीं होती।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
