‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत बरेली में निकली 2.15 किलोमीटर की पदयात्रा, जेपी नड्डा, केशव प्रसाद मौर्य और जयंत चौधरी ने साझा किया मंच, नड्डा बोले- 70 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली
बरेली : उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को बरेली में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित जनसभा और पदयात्रा के जरिए भाजपा ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। राजेंद्रनगर स्थित स्वयंवर बारातघर में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी एक साथ मंच पर नजर आए। ब्रज क्षेत्र के विभिन्न जिलों से पहुंचे बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को सियासी रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। जनसभा में जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखे हमले किए। वोट चोरी, एसआईआर, निर्वाचन आयोग और घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए नड्डा ने तंज कसा कि ’70 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने पर विपक्ष को ईवीएम और निर्वाचन आयोग से कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन हारने के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगता है। वहीं, जयंत चौधरी ने सपा और कांग्रेस पर किसानों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को किसानों की समस्याओं और जरूरतों की जानकारी तक नहीं है। इथेनॉल का विरोध करने वाले गन्ना किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।
राहुल गांधी पर बरसे जेपी नड्डा, बोले- वोट चोरी का आरोप लगाने वाली कांग्रेस का अपना रिकॉर्ड
शहर के राजेंद्रनगर स्थित स्वयंवर बारातघर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत मिलने पर विपक्ष को ईवीएम और निर्वाचन आयोग से कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन हारते ही चुनावी व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगता है। नड्डा ने तंज कसते हुए कहा कि कॉलेज के बच्चे भी इनसे ज्यादा समझदार हैं। उन्होंने कांग्रेस पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेशियों के वोट बनवाकर चुनाव जीतने की कोशिश की जाती रही और अब एसआईआर के तहत ऐसे मतदाताओं को हटाने की प्रक्रिया चल रही है तो विरोध किया जा रहा है। नड्डा ने कहा कि एसआईआर का नाम लेकर राहुल गांधी ने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया है। देश भारत के नागरिक चलाएंगे, घुसपैठिये नहीं। उन्होंने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। जो लोग संविधान की बात करते हैं, उन्हें संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान की जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए।
वोट चोरी के सबूत हैं तो निर्वाचन आयोग के सामने जाएं, आरोप लगाकर भागें नहीं
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसके पास वोट चोरी के आरोपों से जुड़े सबूत हैं तो उन्हें निर्वाचन आयोग के सामने पेश करना चाहिए। केवल आरोप लगाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने विपक्ष की राजनीति की तुलना पत्थर मारकर भागने वालों से की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर भी नड्डा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में विपक्ष को भी शामिल किया गया है। इसके बावजूद आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। नड्डा ने गुजरात के गिर के जंगल और अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में एक-एक मतदाता के लिए मतदान केंद्र बनाए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक वोट का महत्व है और निर्वाचन आयोग हर मतदाता तक मतदान की सुविधा पहुंचाने का प्रयास करता है। जेपी नड्डा ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उसके पास वोट चोरी के आरोपों से जुड़े सबूत हैं तो उन्हें निर्वाचन आयोग के सामने पेश करना चाहिए। केवल आरोप लगाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने विपक्ष की राजनीति की तुलना पत्थर मारकर भागने वालों से की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर भी नड्डा ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की नियुक्ति प्रक्रिया में विपक्ष को भी शामिल किया गया है, इसके बावजूद आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। नड्डा ने गुजरात के गिर के जंगल और अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में एक-एक मतदाता के लिए मतदान केंद्र बनाए जाने का उदाहरण देते हुए कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक वोट का महत्व है और निर्वाचन आयोग हर मतदाता तक मतदान की सुविधा पहुंचाने का प्रयास करता है।
अखिलेश पर भी नड्डा का हमला
कांग्रेस के साथ ही जेपी नड्डा के निशाने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी रहे। उन्होंने अखिलेश यादव पर दंगों के मामले में तीखा हमला बोलते हुए उन्हें नंबर वन बताया और मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र कर सपा के शासनकाल पर सवाल उठाए। नड्डा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल जनता को गुमराह करने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार को लेकर विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। नड्डा ने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन परिवार को लेकर अपशब्दों का इस्तेमाल राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के साथ जवाब देने और जनता के बीच जाकर भाजपा की नीतियों को पहुंचाने का आह्वान किया।
जयंत चौधरी बोले- किसानों की चिंता नहीं, सिर्फ राजनीति कर रहा विपक्ष
जनसभा में राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर किसानों के मुद्दे को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता किसानों के हितों की बात तो करते हैं, लेकिन उन्हें किसानों की समस्याओं और जरूरतों की वास्तविक जानकारी तक नहीं है। जयंत ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल का एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब प्रदेश सरकार ने गन्ने का मूल्य घोषित किया था, तब वह उसी दिन अखिलेश यादव से मिले और उन्हें इसकी जानकारी दी थी। उनके मुताबिक, उस समय अखिलेश यादव को गन्ने के मूल्य निर्धारण की जानकारी तक नहीं थी। जयंत चौधरी ने कहा कि विपक्ष के नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझें और उनके हितों की आवाज उठाएं, लेकिन ऐसा करने के बजाय विपक्ष केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है। उन्होंने इथेनॉल के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरते हुए कहा कि इथेनॉल का विरोध किया जा रहा है, जबकि गन्ना किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने के मुद्दे पर विपक्ष गंभीरता नहीं दिखा रहा। जनसभा में राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर किसानों के मुद्दे को लेकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता किसानों के हितों की बात तो करते हैं, लेकिन उन्हें किसानों की समस्याओं और जरूरतों की वास्तविक जानकारी तक नहीं है। जयंत ने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कार्यकाल का एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब प्रदेश सरकार ने गन्ने का मूल्य घोषित किया था, तब वह उसी दिन अखिलेश यादव से मिले और उन्हें इसकी जानकारी दी थी। उनके मुताबिक, उस समय अखिलेश यादव को गन्ने के मूल्य निर्धारण की जानकारी तक नहीं थी। जयंत चौधरी ने कहा कि विपक्ष के नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझें और उनके हितों की आवाज उठाएं, लेकिन ऐसा करने के बजाय विपक्ष केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है। उन्होंने इथेनॉल के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरते हुए कहा कि इथेनॉल का विरोध किया जा रहा है, जबकि गन्ना किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने के मुद्दे पर विपक्ष गंभीरता नहीं दिखा रहा।
400 रुपये से ज्यादा गन्ना मूल्य का वादा पूरा करने का दावा, योगी सरकार की तारीफ
जयंत चौधरी ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान एनडीए में शामिल होने पर उन्होंने किसानों से वादा किया था कि उत्तर प्रदेश में गन्ने का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक कराया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अपना वादा पूरा किया है। जयंत ने कहा कि इस बार भी किसानों को गन्ने का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। एनडीए के विधायक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि गन्ने का मूल्य तय करते समय किसानों की चिंताओं और हितों का ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना जरूरी है और इस दिशा में सरकार को उनकी अपेक्षाओं का ध्यान रखना चाहिए।
मॉक पार्लियामेंट को बताया दिखावा, विपक्ष की क्रिकेट खेलने वाले बच्चे से तुलना
जयंत चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित मॉक पार्लियामेंट को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने इसे दिखावा बताते हुए कहा कि वहां लोकसभा की तरह कालीन, फर्नीचर और बैकड्रॉप तैयार किया गया। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को भी इसमें बैठाया गया। जयंत ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को ऐसी गतिविधियां अपने बगीचे में ही करनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष की तुलना ऐसे बच्चे से की, जो क्रिकेट में आउट होने के बाद भी अपनी हार स्वीकार नहीं करता। जयंत ने कहा कि विपक्ष कभी संविधान और आरक्षण खत्म होने की बात करता है तो कभी चुनाव हारने के बाद चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाने लगता है। विपक्ष को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति छोड़कर जनता के वास्तविक मुद्दों पर काम करना चाहिए।
स्वयंवर बारातघर से शहीद स्तंभ तक निकली 2.15 किलोमीटर की पदयात्रा
जनसभा में नेताओं के संबोधन के बाद भाजपा की पदयात्रा राजेंद्रनगर स्थित स्वयंवर बारातघर से शुरू हुई। करीब 2.15 किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा का समापन डीडीपुरम स्थित शहीद स्तंभ पर निर्धारित किया गया था। तय मार्ग के अनुसार, पदयात्रा बांके बिहारी मंदिर से होते हुए शिवाजी चौक यानी शील चौराहे पहुंची। यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण का कार्यक्रम रखा गया। इसके बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं का काफिला शहीद पंकज अरोड़ा स्मारक पहुंचा, जहां शहीद स्तंभ पर पुष्पांजलि अर्पित कर यात्रा का समापन होना था। पदयात्रा में ब्रज क्षेत्र के विभिन्न जिलों से पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। केंद्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में नारे लगाए और संगठन की एकजुटता का संदेश दिया।
मंच पर दिखे भाजपा के दिग्गज, जयंत चौधरी की मौजूदगी से एनडीए ने दिखाई एकजुटता
कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और प्रदेश सरकार के मंत्री मौजूद रहे। इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष गीता शाक्य, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय शाक्य प्रमुख रूप से शामिल रहे। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी की मौजूदगी ने आयोजन को एनडीए की एकजुटता के प्रदर्शन का मंच भी बना दिया। भाजपा ने ब्रज क्षेत्र के विभिन्न जिलों से कार्यकर्ताओं को जुटाकर अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने की कोशिश की। पदयात्रा के बाद जेपी नड्डा के सर्किट हाउस पहुंचकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने का कार्यक्रम भी निर्धारित था। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की ओर से जनप्रतिनिधियों और पार्टी नेताओं से संवाद के साथ अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं की समीक्षा की।
2027 चुनाव से पहले भाजपा ने बरेली से दिया बड़ा सियासी संदेश
बरेली में आयोजित इस जनसभा और पदयात्रा को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की राजनीतिक तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। एक तरफ जेपी नड्डा ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को वोट चोरी, एसआईआर, निर्वाचन आयोग और कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर घेरा, तो दूसरी तरफ जयंत चौधरी ने किसानों और गन्ना मूल्य के सवाल पर विपक्ष को निशाने पर लिया। वहीं, केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी और ब्रज क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की भागीदारी ने संगठनात्मक एकजुटता का संदेश दिया।भाजपा ने इस आयोजन के जरिए कार्यकर्ताओं में जोश भरने, विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और एनडीए की एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश की। विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन बरेली की इस सियासी हलचल ने साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में 2027 की चुनावी जंग को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।
