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नवंबर से फरवरी तक 14 सप्ताह चलेगी नई व्यवस्था, हलवे के लिए 7 और उपमा के लिए 4 रुपये प्रति बच्चे का बजट तय; रसोइयों को भी मिलेगा अतिरिक्त भुगतान
बरेली: परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के खानपान और पोषण को बेहतर बनाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है। अब स्कूलों में मध्याह्न भोजन के अतिरिक्त बच्चों को सप्ताह में एक दिन विशेष नाश्ता भी दिया जाएगा। नवंबर से फरवरी के तीसरे सप्ताह तक लगातार 14 सप्ताह हर शुक्रवार बच्चों की थाली में कभी मीठा सूजी का हलवा तो कभी पौष्टिक उपमा परोसा जाएगा। यदि निर्धारित शुक्रवार को अवकाश रहता है तो अगले कार्यदिवस में नाश्ते का वितरण कराया जाएगा।
हलवे के लिए 7 और उपमा के लिए 4 रुपये निर्धारित
नई व्यवस्था के तहत शासन ने प्रति छात्र नाश्ते की लागत भी तय कर दी है। मीठा सूजी का हलवा तैयार कराने के लिए प्रति बच्चे सात रुपये और नमकीन उपमा के लिए चार रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह नाश्ता नियमित मध्याह्न भोजन से अलग होगा, जिससे बच्चों को अतिरिक्त पोषण मिल सकेगा। विभागीय दिशा-निर्देशों के मुताबिक, हलवा बनाने के लिए प्रत्येक बच्चे के हिस्से में 30 ग्राम सूजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें घी, चीनी, कसा हुआ नारियल और ईंधन की लागत भी शामिल है। इन सभी सामग्रियों को मिलाकर प्रति छात्र सात रुपये खर्च तय किया गया है।
उपमा में डाली जाएंगी मौसमी सब्जियां और मूंगफली
नमकीन नाश्ते के तौर पर दिए जाने वाले उपमा में भी प्रति बच्चे 30 ग्राम सूजी का इस्तेमाल होगा। इसके साथ तेल, मौसमी सब्जियां, मूंगफली, मसाले और नमक मिलाया जाएगा। उपमा तैयार करने के लिए ईंधन समेत कुल चार रुपये प्रति छात्र की धनराशि निर्धारित की गई है।
रसोइयों को भी मिलेगा अतिरिक्त पारिश्रमिक
बच्चों के लिए अतिरिक्त नाश्ता तैयार करने और वितरण की जिम्मेदारी संभालने वाली रसोइयों को भी अलग से भुगतान किया जाएगा। बीएसए डॉ. विनीता के मुताबिक, इसके लिए प्रति छात्र प्रतिदिन दो रुपये की दर से पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है। यह धनराशि रसोइयों के बैंक खातों में एसएनए स्पर्श प्रणाली के माध्यम से भेजी जाएगी। विभाग ने सभी परिषदीय विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नई व्यवस्था लागू कराने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को बच्चों को नाश्ता उपलब्ध कराने और योजना का नियमित संचालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की होगी।
