दिल्ली: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आईएनडीआईए गठबंधन ने रविवार को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली आयोजित की। कांग्रेस ने इस आयोजन में 20 से अधिक विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं और करीब 10 लाख समर्थकों के जुटने का दावा किया। रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, वोट चोरी और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
राहुल गांधी बोले- यह युवाओं की आवाज, लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महारैली के माध्यम से जनता ने प्रधानमंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त को अपना संदेश दे दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि यह किसी राजनीतिक पार्टी की नहीं, बल्कि देश के युवाओं की आवाज है। उन्होंने कहा कि यह आवाज लोकतंत्र और संविधान को बचाने की बात कर रही है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में लंबे समय से वोट चोरी हो रही है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद हर सात में से एक मतदाता को सूची से हटा दिया गया। उनके मुताबिक, 2024 के चुनाव में एनडीए और विपक्ष के बीच वोटों का अंतर करीब तीन प्रतिशत था, जबकि इसके बाद 15 प्रतिशत मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया। राहुल गांधी ने इन्हीं आंकड़ों के आधार पर 2024 के चुनाव की वैधता पर सवाल उठाए।
ममता बनर्जी बोलीं- अधिकार छीने गए, लेकिन चुप नहीं बैठेंगे
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने एसआईआर को लेकर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल एसआईआर का शिकार रहा है और लोगों के अधिकार छीने गए हैं। ममता बनर्जी ने कहा, “हम छोड़ेंगे नहीं, बल्कि लड़ेंगे। हम लोकतंत्र को बचाएंगे और उसे वापस लाएंगे।” उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा का साथ, सभी का सत्यानाश।”
अखिलेश यादव का अमित शाह पर तंज, बंगाल चुनाव का भी उठाया मुद्दा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि रामलीला मैदान से उठ रही आवाज संविधान को कमजोर करने की कोशिशों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आईएनडीआईए गठबंधन के सभी दल संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हैं। अखिलेश यादव ने अंगद के पैर का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “जो लोग कहकर आए हैं कि अंगद का पैर है, उन्हें पता है कि जमीन ही नहीं बची है तो अंगद का पैर कहां रखेंगे?” सपा प्रमुख ने पश्चिम बंगाल चुनाव का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि वहां चुनाव लूटा गया और चुनाव से पहले एसआईआर कराकर मतदाताओं के वोट कटवाए गए। उन्होंने कहा कि जनता जाग चुकी है और गठबंधन के नेता संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं।
खरगे ने दोहराई ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार पद से नहीं जाएंगे, तब तक विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। खरगे ने आरोप लगाया कि युवाओं, महिलाओं और दलितों के वोट छीनने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इसी मुद्दे के विरोध में रामलीला मैदान में एकत्र हुए हैं। खरगे ने कहा कि विपक्ष डरने वाला नहीं है और मतदाता सूची तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर संघर्ष जारी रखेगा।
तेजस्वी यादव ने भी चुनाव आयोग पर साधा निशाना
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “ज्ञानू तो पीएम मोदी का नमूना है।” तेजस्वी ने ज्ञानेश कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग करते हुए संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने शकुनी और उसके पासे का उदाहरण देते हुए भी अपनी बात रखी। वहीं, भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना होगा।
अवधेश प्रसाद बोले- लोकतंत्र और मतदान का अधिकार बचाने की रैली
समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह रैली किसी का नुकसान करने के लिए नहीं, बल्कि देश में लोकतंत्र बचाने के लिए आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने देश के नागरिकों को मतदान का जो अधिकार दिया है, उसकी रक्षा करना जरूरी है। अवधेश प्रसाद ने रैली को ऐतिहासिक बताते हुए इसके दूरगामी परिणाम होने की बात कही।
विपक्ष की रैली के बीच भाजपा का भी मार्च
दिल्ली में विपक्षी गठबंधन की महारैली के बीच भारतीय जनता पार्टी ने भी अपना शक्ति प्रदर्शन किया। भाजपा नितिन नवीन की अगुवाई में सड़क पर उतरी और ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नाम से मार्च निकाला। इस तरह एक ही दिन दिल्ली में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने अलग-अलग आयोजनों के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत दिखाई। वहीं, रामलीला मैदान में विपक्षी दलों ने एसआईआर, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका को लेकर अपनी मांगें उठाईं।
