लखनऊ : सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “अपराध पर जीरो टॉलरेंस” का दावा करने वाली भाजपा सरकार वास्तव में अपराधियों को संरक्षण देने और विरोध की आवाजों को कुचलने का काम कर रही है। एसपी चीफ ने कहा कि आज राज्य में लोकतंत्र की हालत बेहद कमजोर हो चुकी है। असहिष्णुता, नफरत और भ्रष्टाचार चरम पर हैं। सत्ता के नशे में भाजपा ने मर्यादा और नैतिकता की सभी सीमाएं लांघ दी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के अश्लील वीडियो, सेक्स रैकेट, और दुष्कर्म जैसी घटनाओं से पार्टी की असली मानसिकता उजागर हो रही है।
पत्रकार उत्पीड़न पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने हाल ही में पीलीभीत में एक पत्रकार द्वारा आत्महत्या की कोशिश का जिक्र करते हुए कहा कि जब पत्रकार ने घटिया निर्माण सामग्री के खिलाफ रिपोर्टिंग की, तो उस पर झूठे रंगदारी के आरोप लगाए गए। उन्होंने पूछा, “जब आज़ादी के अमृतकाल में भी सच बोलने पर जहर खाना पड़े, तो ये कौन सा लोकतंत्र है?”
अवैध खनन और भ्रष्टाचार को बताया लूट का धंधा
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में अवैध खनन, घटिया निर्माण और जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार बेलगाम है। उन्होंने आगरा और बांदा की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि नदियों की छाती चीरकर खनन किया जा रहा है। पहाड़ काटे जा रहे हैं, और करोड़ों की लागत से बनीं पानी की टंकियाँ टेस्टिंग में फेल हो रही हैं।
सत्ता संरक्षित गुंडागर्दी का आरोप
सपा अध्यक्ष ने गाजीपुर और अन्य जिलों की घटनाओं को उजागर करते हुए कहा कि भाजपा के नेता अब पिस्टल लेकर धमकी देने लगे हैं। समाजवादी कार्यकर्ताओं को डराया-धमकाया जा रहा है, और वरिष्ठ भाजपा नेताओं के बीच भी आंतरिक सत्ता संघर्ष खुलकर सामने आ रहा है।
“भाजपा का असली चेहरा सामने आया”
उन्होंने अपने बयान का समापन इस तीखे आरोप के साथ किया कि भाजपा राष्ट्रवाद और धर्म के नाम पर जनता को गुमराह करती है, जबकि उसका असली चरित्र भ्रष्टाचार और दमनकारी रवैये से भरा हुआ है।
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