16 नवंबर से स्वगणना और 1 दिसंबर से घर-घर गणना की तैयारी, वैवाहिक स्थिति, बच्चों, जाति, शिक्षा, रोजगार और डिजिटल साक्षरता से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी
मेरठ: जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार लोगों की सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए 40 सवाल पूछे जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें वैवाहिक स्थिति, बच्चों की संख्या, जाति, शिक्षा, रोजगार, डिजिटल साक्षरता और बैंक खातों से जुड़े सवाल शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 16 नवंबर से स्वगणना और 1 दिसंबर से घर-घर जाकर जनगणना का कार्य शुरू होगा। इसके लिए एमएमयूटी में कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
लिव-इन में रहने वाले जोड़ों की वैवाहिक स्थिति भी होगी दर्ज
प्रशिक्षण के दौरान वैवाहिक स्थिति से जुड़े सवालों पर विशेष चर्चा की जा रही है। उपलब्ध प्रशिक्षण संबंधी जानकारी के अनुसार, यदि कोई जोड़ा लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है और अपने रिश्ते को स्थिर संबंध मानता है, तो उसे विवाहित जोड़े के रूप में दर्ज किया जाएगा। इसके लिए किसी कानूनी प्रमाणपत्र या दस्तावेज की मांग नहीं किए जाने की बात कही गई है। प्रगणक जोड़े की ओर से दी गई जानकारी के आधार पर विवरण दर्ज करेंगे। प्रश्नावली में वर्तमान वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय उम्र और पति या पत्नी का नाम पूछा जाएगा। प्रशिक्षण सामग्री में विवाह से संबंधित अन्य विवरणों को दर्ज करने की प्रक्रिया भी समझाई जा रही है।
महिलाओं से बच्चों के जन्म और उनकी संख्या पर सवाल
जनगणना के दौरान महिलाओं से जुड़े सवाल भी पूछे जाएंगे। वर्तमान में विवाहित महिलाओं से पिछले एक वर्ष में जीवित जन्मे बच्चों की संख्या की जानकारी ली जाएगी। वहीं, वर्तमान में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा या अलग रह रही महिलाओं से अब तक जीवित जन्मे बच्चों की कुल संख्या और वर्तमान में जीवित बच्चों की संख्या पूछी जाएगी। इन जानकारियों के जरिए जनसंख्या से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े जुटाए जाएंगे।
सभी समुदायों की जाति संबंधी जानकारी भी जुटाई जाएगी
इस बार जनगणना में सभी समुदायों की जाति से संबंधित जानकारी जुटाए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा लोगों की मातृभाषा और उनके द्वारा जानी जाने वाली अन्य भाषाओं के बारे में भी सवाल होंगे। सामान्य साक्षरता के साथ डिजिटल साक्षरता, शैक्षिक योग्यता, रोजगार और काम की प्रकृति से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। लोगों से कार्यस्थल तक आने-जाने के साधन और इससे संबंधित विवरण भी पूछे जाएंगे।
बैंक खाते, मोबाइल नंबर और दस्तावेजों की जानकारी भी प्रश्नावली में
प्रश्नावली में बैंक खातों की संख्या और उपलब्ध मोबाइल नंबर से जुड़े सवाल भी शामिल बताए गए हैं। इसके साथ ही आधार कार्ड, मतदाता पहचानपत्र और अन्य दस्तावेजों की जानकारी भी मांगी जा सकती है। जनगणना के दौरान पूछे जाने वाले सवालों और जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि आंकड़ों को सही तरीके से संकलित किया जा सके।
बेघर लोगों को भी जनगणना में किया जाएगा शामिल
जनगणना के दूसरे चरण में जनसंख्या की गणना की जाएगी। इसमें बेघर लोगों को भी शामिल किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लोगों की नागरिकता के बजाय उनकी घोषित राष्ट्रीयता दर्ज की जाएगी। इसके अलावा जन्मस्थान, पिछले निवास स्थान और पलायन के कारणों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी। इन आंकड़ों से देश में जनसंख्या के वितरण और लोगों के आवागमन से संबंधित जानकारी मिल सकेगी।
14 अक्टूबर तक फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण पूरा करने की तैयारी
जनगणना की प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा कराने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिए गए हैं। पहले चरण में 14 अक्टूबर तक फील्ड ट्रेनरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद प्रगणकों के प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि कर्मचारियों को सभी सवालों और उन्हें दर्ज करने की प्रक्रिया को अच्छी तरह समझने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़ों की शुद्धता महत्वपूर्ण है, क्योंकि भविष्य की सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्धारण में इनका उपयोग किया जाता है।
