प्रवर्तन निदेशालय की चार सदस्यीय टीम ने शुरू की जांच, इससे पहले विधायक नसीर अहमद खां से करीब सात घंटे हुई थी पूछताछ; ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोगों पर भी नजर
रामपुर: जौहर ट्रस्ट मामले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार सदस्यीय टीम मंगलवार को रामपुर जेल पहुंची। टीम ने पूर्व मंत्री आजम खां से पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसी आजम खां के बयानों का सत्यापन करने के साथ ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल पूछ रही है। इस मामले में आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। ईडी की इस कार्रवाई से जौहर ट्रस्ट और उससे जुड़े मामलों की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है। जांच एजेंसी ट्रस्ट के कामकाज, उससे जुड़े लोगों की भूमिका और विभिन्न प्रकरणों में संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है।
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामलों पर पूछे जा रहे सवाल
ईडी की टीम आजम खां से ट्रस्ट से जुड़े विभिन्न मामलों और उनके बयानों के संबंध में पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य संबंधित तथ्यों का सत्यापन करना और मामले से जुड़े पहलुओं की जानकारी जुटाना है। एजेंसी की ओर से पूछताछ के सभी सवालों और निष्कर्षों का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा सामने नहीं आया है। अब्दुल्ला आजम से पूछताछ की तैयारी भी इसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा बताई जा रही है।
विधायक नसीर अहमद खां से सात घंटे हुई थी पूछताछ
इससे पहले ईडी ने रामपुर की चमरौआ विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक नसीर अहमद खां से करीब सात घंटे तक पूछताछ की थी। नसीर जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव रह चुके हैं। इसी संबंध में उन्हें समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने ट्रस्ट में होने वाले फैसलों में उनकी भूमिका, दान से जुड़े मामलों और जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों को लेकर सवाल पूछे। शत्रु संपत्ति प्रकरण में उनकी कथित भूमिका को लेकर भी जानकारी मांगी गई।
ट्रस्ट में अपनी भूमिका से इनकार करने की बात
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान नसीर अहमद ने ट्रस्ट में अपनी भूमिका को लेकर कुछ आरोपों से इनकार किया और कई सवालों के जवाब नहीं दिए। इसके बाद ईडी ने उन्हें ट्रस्ट के संयुक्त सचिव के रूप में नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों के साथ दोबारा उपस्थित होने का निर्देश दिया। हालांकि, पूछताछ के दौरान दिए गए बयानों और एजेंसी की जांच से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
शत्रु संपत्ति मामले में भी दर्ज है मुकदमा
नसीर अहमद खां के खिलाफ आजम खां के साथ शत्रु संपत्ति हड़पने से जुड़े मामले में भी मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इस प्रकरण में अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें आत्मसमर्पण करना पड़ा था। पुलिस ने इस मामले में आजम खां, उनकी पत्नी तंजीन फात्मा, दोनों बेटों अदीब और अब्दुल्ला आजम, बहन निखत अखलाक तथा नसीर अहमद सहित सात आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। मामले में आरोपों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
आयकर विभाग भी कर चुका है जांच
जौहर ट्रस्ट की जांच के दौरान आयकर विभाग ने नसीर अहमद से जुड़े ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। अब ईडी की जांच में इस प्रकरण से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी ट्रस्ट से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ की तैयारी कर रही है। इनमें ट्रस्टी शहरयार खां का नाम भी सामने आया है। बताया गया है कि शहरयार ने पहले खुद को डमी ट्रस्टी बताया था।
जौहर ट्रस्ट मामले में आगे की जांच पर नजर
आजम खां से पूछताछ और नसीर अहमद खां से पहले हुई लंबी पूछताछ के बाद जौहर ट्रस्ट मामले में जांच का दायरा चर्चा में है। ईडी संबंधित दस्तावेजों, बयानों और ट्रस्ट से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। फिलहाल जांच एजेंसी की ओर से आजम खां से पूछताछ के निष्कर्षों का विस्तृत आधिकारिक विवरण सामने आना बाकी है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी।
