मुख्यमंत्री का ग्राम प्रहरियों को बड़ा तोहफा, ₹3500 मानदेय और ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की घोषणा, प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों के मानदेय में ₹1000 प्रतिमाह की बढ़ोतरी का ऐलान
बरेली : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली में आयोजित ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह के दौरान प्रदेश के ग्राम प्रहरियों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों का मानदेय ₹2500 से बढ़ाकर ₹3500 प्रतिमाह करने और उन्हें ₹5 लाख तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की। इन घोषणाओं से प्रदेश के लगभग 68 हजार ग्राम प्रहरियों को लाभ मिलने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को गांवों की सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि उनकी भूमिका सीसीटीवी कैमरे की तरह है। गांव में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों,अपराध की आशंका और अफवाहों की जानकारी समय रहते पुलिस तक पहुंचाने में उनकी अहम जिम्मेदारी है।
2500 से बढ़कर 3500 होगा मासिक मानदेय

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम प्रहरियों के मानदेय में एक हजार रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की जाएगी। इससे पहले उन्हें 2500 प्रतिमाह मानदेय मिलता था। प्रस्तावित बढ़ोतरी के बाद यह राशि 3500 प्रतिमाह हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में मानदेय बढ़ाने के पिछले फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में ग्राम प्रहरियों का मानदेय 1500 था। इसको वर्ष 2019 में बढ़ाकर 2500 किया गया था। अब इसमें फिर एक हजार रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। इस हिसाब से घोषित नई दर लागू होने पर ग्राम प्रहरियों को सालाना ₹42,000 मानदेय मिलेगा, जबकि पहले यह राशि ₹30,000 थी। यानी सालाना ₹12,000 की वृद्धि होगी।
5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा
ग्राम प्रहरियों के लिए दूसरी महत्वपूर्ण घोषणा स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी है। मुख्यमंत्री ने उन्हें पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने का ऐलान किया। इस सुविधा का उद्देश्य ग्राम प्रहरियों को इलाज के खर्च से जुड़ी आर्थिक चिंता से राहत देना है।
बरेली में 11 ग्राम प्रहरी मंच पर सम्मानित

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बरेली जोन के 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर पगड़ी पहनाकर और उपहार देकर सम्मानित किया।इसके बाद उन्होंने प्रदेशभर के ग्राम प्रहरियों के लिए मानदेय बढ़ाने और स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों के काम की सराहना करते हुए कहा कि गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर सतर्कता जरूरी है। ग्राम प्रहरी गांव की परिस्थितियों से परिचित होते हैं। इसलिए उनकी सूचना पुलिस के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
गांवों में CCTV की तरह काम करते हैं ग्राम प्रहरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम प्रहरी गांवों की आंख और कान हैं। जिस प्रकार शहरों में सीसीटीवी कैमरों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाती है। उसी प्रकार गांवों में ग्राम प्रहरी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रहरियों को पुलिस के लगातार संपर्क में रहना चाहिए।किसी भी संदिग्ध व्यक्ति,अवैध गतिविधि या अपराध की आशंका की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित किया जाना चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सतर्कता से अपराध पर नियंत्रण पाने और शांति बनाए रखने में मदद मिलती है।
अफवाहों पर सतर्क रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों को विशेष रूप से अफवाहों के प्रति सावधान रहने का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम या किसी संवेदनशील परिस्थिति में गलत सूचनाएं तेजी से फैल सकती हैं। ऐसे समय में सही जानकारी जुटाकर पुलिस तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे जिलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, सूचना की सत्यता की जांच करना भी आवश्यक है, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ गलतफहमी में कार्रवाई की स्थिति न बने।
2017 से पहले और अब की कानून-व्यवस्था की तुलना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून -व्यवस्था में बदलाव का दावा करते हुए वर्ष 2017 से पहले की परिस्थितियों का जिक्र किया।उन्होंने कहा कि पहले त्योहारों के दौरान उपद्रव की आशंका बनी रहती थी, लेकिन अब हालात बदल गए हैं, और लोग उपद्रव की घटनाओं को भूलते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की छवि में बदलाव आया है।उनके मुताबिक, प्रदेश में सुरक्षा का भरोसा बढ़ने से आम नागरिकों,कारोबारियों,युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र तथा राज्य सरकार के समन्वय का उल्लेख करते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब विकास और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बन रहा है।
दूसरे राज्य भी यूपी जैसा बनना चाहते हैं: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब दूसरे राज्यों में उत्तर प्रदेश के लोगों को अपनी पहचान को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब परिस्थितियों में बदलाव आया है, और दूसरे राज्य भी उत्तर प्रदेश की तरह आगे बढ़ने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि जब नागरिकों को अपनी सुरक्षा का भरोसा होता है, तो वे कारोबार, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकते हैं मुख्यमंत्री ने मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़, दुर्गा पूजा के पंडालों और सार्वजनिक आयोजनों में उत्साह का उल्लेख करते हुए इसे लोगों के सुरक्षा संबंधी भरोसे से जोड़ा। ये मुख्यमंत्री के संबोधन में किए गए दावे और सरकार के प्रति उनका आकलन हैं।
तकनीक और AI से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने गांवों में सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक साधनों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने की संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पुलिस, होमगार्ड, पीआरडी जवान, ग्राम चौकीदार और ग्राम प्रहरी मिलकर काम करें तो स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इसके लिए कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी बताई।
सपा पर निशाना, 2027 में फिर भाजपा सरकार बनने का दावा
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक निशाना साधा उन्होंने PDA शब्द की अपनी राजनीतिक व्याख्या करते हुए भाजपा की वर्ष 2017 और 2022 की सरकारों का उल्लेख किया तथा 2027 में भी भाजपा की सरकार बनने का दावा किया।इस दौरान प्रदेश की राजनीति, आगामी विधानसभा चुनाव और सरकार के कामकाज को लेकर सत्तारूढ़ दल का पक्ष सामने आया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर, वन मंत्री अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, राज्यसभा सांसद श्रुति गंगवार और महापौर डॉ. उमेश गौतम समेत कई जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी की जानकारी दी गई।
शिक्षक MLC चुनाव को लेकर भी बरेली में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम

ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह के बाद मुख्यमंत्री का बरेली क्लब मैदान में शिक्षक MLC चुनाव के संदर्भ में कार्यक्रम निर्धारित था।यहां भाजपा प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लो के समर्थन में शिक्षकों से संवाद है। इस निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, मुख्यमंत्री को सर्किट हाउस में विश्राम के बाद बरेली क्लब पहुंचना है। इसके बाद दोपहर तीन बजे पुलिस लाइन से हेलीकॉप्टर द्वारा लखनऊ रवाना होने का कार्यक्रम बताया गया।
मुख्यमंत्री की सुरक्षा में कड़े इंतजाम

मुख्यमंत्री के बरेली दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 2100 पुलिसकर्मियों और पांच कंपनी पीएसी की तैनाती की जानकारी दी गई। सुरक्षा व्यवस्था में जोन के नौ जिलों से पुलिस बल बुलाया गया था। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के अनुसार, ड्यूटी में 10 अपर पुलिस अधीक्षक,20 क्षेत्राधिकारी,50 इंस्पेक्टर एवं थाना प्रभारी, 180 उपनिरीक्षक, करीब 1500 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल तथा 200 महिला कांस्टेबल शामिल थीं। यातायात व्यवस्था के लिए पांच ट्रैफिक इंस्पेक्टर, 22 यातायात उपनिरीक्षक और 120 यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती भी बताई गई। एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा ने अधिकारियों को सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए थे।
