मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई, ममता ने कहा- हमारा अपहरण किया गया; प्रियंका गांधी ने उठाए संवैधानिक अधिकारों पर सवाल
नई दिल्ली: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले शनिवार को दिल्ली में राजनीतिक तनाव बढ़ गया। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें और उनके साथ मौजूद चार सांसदों को हिरासत में लेकर करीब दो घंटे तक जेल वैन में घुमाया। वहीं, दिल्ली पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश कर रहे करीब 3,000 लोगों को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पूरा विवाद निर्वाचन आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और कथित चुनावी अनियमितताओं के आरोपों के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
ममता बनर्जी बोलीं- हमारा अपहरण किया गया
ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने चार सांसदों के साथ द्वारका नॉर्थ पुलिस स्टेशन में धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर करीब दो घंटे तक जेल वैन में घुमाया। ममता ने कहा कि वह शनिवार रात कोलकाता नहीं लौटेंगी। उन्होंने युवाओं और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई का विरोध करते हुए सोमवार को विपक्षी गठबंधन आईएनडीआईए के मार्च में शामिल होने की बात भी कही। तृणमूल कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि ममता बनर्जी को दिल्ली पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने हिरासत में लिया था। इस दौरान उनके मुंह पर बैंड-ऐड लगी तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए। सूत्रों के मुताबिक, इसे आवाज दबाए जाने के विरोध के सांकेतिक तरीके के रूप में देखा गया।
बस में दुर्गा स्तोत्र गाती दिखीं ममता बनर्जी
प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी का बस में बैठकर महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र का पाठ करने का वीडियो भी सामने आया। वह ‘जागो दुर्गा, जागो दशप्रहरणधारिणी’ और ‘अभया शक्ति बलप्रदायिनी’ जैसी पंक्तियां गाती नजर आईं। पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान इस स्तोत्र का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। ममता बनर्जी के इस अंदाज ने प्रदर्शन को राजनीतिक और सांस्कृतिक चर्चा का विषय बना दिया।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले 254 सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें कथित तौर पर अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। उनके मुताबिक, यह सांसदों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। प्रियंका गांधी ने दावा किया कि राजधानी में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई और रास्तों पर पाबंदियां लगाई गईं। उन्होंने ट्रेन और मेट्रो सेवाएं रोके जाने, इंटरनेट बंद किए जाने तथा विभिन्न स्थानों पर जांच चौकियां बनाए जाने के भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकार के तहत प्रदर्शन कर रहे युवक-युवतियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें हिरासत में लिया गया। प्रियंका ने इन घटनाओं को कथित चुनावी धांधली और सरकार की जवाबदेही से बचने की कोशिश से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। ये आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
जंतर-मंतर जाने की कोशिश कर रहे करीब 3,000 लोग हिरासत में
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे करीब 3,000 लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली क्षेत्र सहित राजधानी के अलग-अलग जिलों से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। रीगल सिनेमा, मिंटो ब्रिज और आकाशवाणी भवन के आसपास भी लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने की भी खबर है। पुलिस के मुताबिक, एहतियातन आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक लोगों को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस ने इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बताया।
पुलिस का पक्ष- प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी
विशेष पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था देवेश श्रीवास्तव ने पीटीआई-भाषा को बताया कि प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पड़ोसी राज्यों से लगने वाली सीमाओं पर संबंधित पुलिस बलों के समन्वय से जांच चौकियां बनाई गईं और वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई। पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे लोगों को इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। नई दिल्ली क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने की बात कहते हुए पुलिस ने लोगों से प्रतिबंधों का पालन करने की अपील की। संवेदनशील इलाकों और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।
SIR और फॉर्म-6 को लेकर क्या है विवाद?
कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कथित अनियमितताओं के आरोप लगा रही है। पार्टी ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का दावा है कि इस मामले में दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। इन्हीं आरोपों और सवालों को लेकर पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी और आपत्तियों को दरकिनार किए जाने संबंधी दावों की पुष्टि के लिए निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष और संबंधित दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे।
पुलिस कार्रवाई से चुनावी प्रक्रिया पर बहस तेज
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले हिरासत की कार्रवाई और ममता बनर्जी तथा प्रियंका गांधी के आरोपों ने राजनीतिक विवाद को और बढ़ा दिया है। विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और सरकार की जवाबदेही से जोड़ा है, जबकि पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दिया है। अब इस पूरे घटनाक्रम में हिरासत में लिए गए लोगों की स्थिति, पुलिस कार्रवाई के आधार और निर्वाचन आयोग पर लगाए गए आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों के आधिकारिक स्पष्टीकरण पर नजर रहेगी।
