बिथरी चैनपुर में बीडीओ को सौंपा राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, आर्य एजी कंपनी और दो चीनी मिलों से जुड़े कथित बकाया का मुद्दा उठाया
बरेली: किसान न्याय पदयात्रा-अहिंसा के रास्ते सत्याग्रह का सोमवार को पांचवां दिन रहा। यात्रा संयोजक प्रो. (डॉ.) हरीश गंगवार के नेतृत्व में पदयात्रा शुरू हुई। इस दौरान किसानों की विभिन्न समस्याओं और उनके कथित बकाया भुगतान को लेकर आवाज उठाई गई। पदयात्रा के दौरान बिथरी चैनपुर के खंड विकास अधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से किसानों की समस्याओं पर तत्काल न्यायोचित कार्रवाई करने की मांग की गई।
किसानों ने उठाया गन्ना भुगतान का मुद्दा
पदयात्रा के दौरान किसानों ने नवाबगंज की ओसवाल शुगर मिल पर करीब 70 करोड़ रुपये के कथित गन्ना भुगतान का मुद्दा उठाया। इसके अलावा बहेड़ी की केसर शुगर मिल पर करीब 200 करोड़ रुपये के कथित बकाया गन्ना भुगतान का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। किसानों ने संबंधित मामलों में कार्रवाई कर बकाया भुगतान दिलाने की मांग की।
आर्य एजी कंपनी से जुड़े कथित नुकसान का मुद्दा
पदयात्रा में आर्य एजी कंपनी से जुड़े करीब चार करोड़ रुपये के अनाज संबंधी कथित नुकसान और लूट का मुद्दा भी उठाया गया। आयोजकों ने इन मामलों में किसानों के हित में न्यायोचित कार्रवाई की मांग की। इनके अलावा किसानों ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और वोट चोरी के आरोपों का मुद्दा भी पदयात्रा के दौरान प्रमुखता से उठाया।
कई गांवों से होकर सब्दलपुर पहुंची पदयात्रा
पांचवें दिन किसान न्याय पदयात्रा फरीदापुर इनायत खां, उड़ला जागीर, परसौना जैड, केशरपुर और रजऊ से होकर सब्दलपुर पहुंची। सब्दलपुर में प्रधान विजय यादव एडवोकेट और अपरवल सिंह यादव के आवास पर पदयात्रा में शामिल किसानों के रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई।
बड़ी संख्या में किसान पदयात्रा में हुए शामिल
पदयात्रा में प्रो. यशपाल सिंह, जाहिद अली, जगदीश सरन, अरविंद पटेल, नारायण सिंह, रजत गंगवार, उल्फत सिंह कठेरिया, मो. आलम, मो. फैजान, रविंद्र, तारा चंद्र चौधरी और कमर गनी समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे। यात्रा संयोजक प्रो. हरीश गंगवार के नेतृत्व में किसान न्याय पदयात्रा के माध्यम से किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि किसानों की समस्याओं के समाधान और न्यायोचित कार्रवाई की मांग को लेकर सत्याग्रह जारी रहेगा।
