2027 में BJP की विदाई का दावा, कानून-व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा और चुनाव आयोग को लेकर सरकार पर साधा निशाना
बरेली : उत्तर प्रदेश के बरेली पहुंचे पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मौर्य ने केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कानून-व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी संस्थाओं समेत कई मुद्दे उठाए। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश और 2029 के लोकसभा चुनाव में केंद्र की सत्ता से भाजपा की विदाई जरूरी है।
योगी सरकार पर ‘जंगलराज’ का आरोप
स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सरकार के कार्यकाल को ‘जंगलराज’ बताते हुए अपराध के आंकड़ों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। मौर्य ने दावा किया कि प्रदेश में लगातार हत्या और दुष्कर्म जैसी घटनाएं हो रही हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई प्रभावित होती है। मौर्य ने पिछली सरकारों की कानून-व्यवस्था से तुलना करते हुए भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
रोजगार और आर्थिक नीतियों पर घेरा
पूर्व मंत्री ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्तियों का लाभ चुनिंदा कॉर्पोरेट समूहों को पहुंचाया जा रहा है। मौर्य ने बंदरगाह, एयरपोर्ट और एलआईसी जैसी संस्थाओं का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और अडानी समूह को लेकर भी सवाल उठाए।उनका आरोप था कि युवाओं को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय उनके भविष्य को लेकर सरकार की नीतियां चिंता पैदा कर रही हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
स्वामी प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर स्कूलों की संख्या कम हो रही है, जबकि शराब की दुकानों को बढ़ावा दिया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए जा रहे सरकारी दावों पर भी उन्होंने सवाल उठाए। मौर्य के मुताबिक, कई जगह मरीजों को इलाज और दवाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौर्य ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है। मौर्य ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने की मांग की।हालांकि, चुनाव आयोग को लेकर लगाए गए इन आरोपों पर मौर्य ने अपनी राजनीतिक आपत्ति और मांगें सामने रखीं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।
आजम खां और जौहर यूनिवर्सिटी का उठाया मुद्दा
स्वामी प्रसाद मौर्य ने सपा नेता आजम खां से जुड़े मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने आजम खां के खिलाफ दर्ज मुकदमों को राजनीतिक प्रतिशोध बताया और जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। मौर्य का कहना था कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को राजनीतिक नजरिए से देखा जाना चाहिए।
‘एक देश, एक चुनाव’ पर भी निशाना
भाजपा के ‘एक देश, एक चुनाव’ के विचार पर भी मौर्य ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को इसके बजाय शिक्षा और अन्य बुनियादी मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने ‘एक देश, एक शिक्षा’ की दिशा में काम करने की बात कही। उन्होंने दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज के साथ ही विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की।
2027 और 2029 को लेकर मौर्य का बड़ा दावा
स्वामी प्रसाद मौर्य ने आगामी चुनावों को लेकर भी बड़ा राजनीतिक दावा किया। उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने और 2029 के लोकसभा चुनाव में केंद्र की सत्ता से भाजपा की विदाई की बात कही। उन्होंने इसके लिए ‘2027 में यूपी बचाओ-भाजपा हटाओ’ और ‘2029 में देश बचाओ -भाजपा हटाओ’ का राजनीतिक नारा दिया।
