मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी, जंतर-मंतर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग; नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 2 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर राजधानी में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन के लिए कई विपक्षी नेता और कार्यकर्ता जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने की बात कहते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कई जगहों पर बैरिकेडिंग की गई है और ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और मनोज झा हिरासत में
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहुंचे आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके अलावा आप नेता संजय सिंह और आतिशी तथा आरजेडी सांसद मनोज झा समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस उन्हें जंतर-मंतर तक पहुंचने नहीं दे रही है। वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
सौरभ भारद्वाज बोले- विरोध के लिए अनुमति की जरूरत क्यों?
हिरासत में लिए जाने से पहले सौरभ भारद्वाज ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के दिन विरोध प्रदर्शन के लिए लोगों को रोका जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके और अन्य नेताओं के घरों के बाहर भी भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सौरभ भारद्वाज ने युवाओं से भी जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह बिना किसी वाहन के मेट्रो के जरिए जंतर-मंतर तक पहुंच सकते हैं तो दूसरे लोग भी वहां पहुंच सकते हैं।
जंतर-मंतर पर कई स्तर की बैरिकेडिंग
प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई है। टॉल्स्टॉय मार्ग, जनपथ रोड और संसद मार्ग समेत आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा बढ़ाया गया है। जंतर-मंतर के आसपास दिल्ली पुलिस के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार भी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर चुके हैं।
नई दिल्ली जिले में धारा 163 लागू
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की गई है। पुलिस का कहना है कि बिना अनुमति किसी तरह का प्रदर्शन या लोगों का जमावड़ा करने की अनुमति नहीं है। पुलिस ने लोगों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीजेपी समेत कई संगठनों ने प्रदर्शन का आह्वान किया
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन का आह्वान कॉकरोज जनता पार्टी समेत कई संगठनों और नेताओं की ओर से किए जाने की बात सामने आई है। प्रदर्शन में चुनावी मतदाता सूची और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कथित अनियमितताओं के आरोपों को उठाया जाना है। राज्यसभा सांसद मनोज झा और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण समेत कई लोग मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग से जुड़े इस विरोध में शामिल होने की बात कह चुके हैं। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के जंतर-मंतर पहुंचने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।
लुटियंस दिल्ली और कनॉट प्लेस में यातायात प्रभावित
बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा बढ़ाए जाने के कारण लुटियंस दिल्ली और कनॉट प्लेस के आसपास यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही धीमी हो सकती है। दिल्ली यातायात पुलिस की ओर से भी लोगों को स्थिति को देखते हुए यात्रा की योजना बनाने और प्रभावित मार्गों से बचने की सलाह दी गई है।
प्रदर्शन के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर विपक्ष और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग और एसआईआर से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाने की तैयारी में हैं, वहीं पुलिस कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दे रही है। ऐसे में गांधी जयंती के दिन दिल्ली के मध्य क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक गतिविधियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
