विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की चर्चा, अजय राय का सहारनपुर दौरा रद्द; राहुल गांधी से मुलाकात के बाद बढ़ीं अटकलें
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की जगह रामपुर खास से कांग्रेस विधायक और विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है। बताया जा रहा है कि उनके साथ कई वर्किंग प्रेसिडेंट भी नियुक्त किए जा सकते हैं। अजय राय के सहारनपुर दौरे को रद्द किए जाने के बाद संगठन में संभावित बदलाव की चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है। हालांकि, कांग्रेस की ओर से अभी प्रदेश अध्यक्ष बदलने को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अजय राय ने रद्द किया सहारनपुर दौरा
सूत्रों के मुताबिक, अजय राय ने सहारनपुर का प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि वह दिल्ली से वाराणसी के लिए रवाना होंगे। अजय राय और राहुल गांधी की 30 सितंबर को मुलाकात भी हुई थी। इस मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने अजय राय को भरोसा दिया था कि वह उनके साथ हैं। इसके बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई कि अगर प्रदेश अध्यक्ष पद में बदलाव होता है तो पार्टी संगठन में अजय राय को कोई दूसरी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है।
क्यों हो रही है प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चा?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर लंबे समय से अंदरूनी मतभेद की चर्चाएं सामने आती रही हैं। प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और अजय राय के बीच संगठन के कामकाज और चुनावी रणनीति को लेकर मतभेद होने की खबरें भी सामने आती रही हैं। दोनों नेताओं की कार्यशैली और संगठन को लेकर प्राथमिकताओं में अंतर की चर्चा पार्टी के भीतर होती रही है। इसके अलावा 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन और सीटों के तालमेल को लेकर भी कांग्रेस के सामने चुनौती है। पार्टी हाईकमान की ओर से संगठन को और अधिक सक्रिय तथा चुनावी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, कांग्रेस के कुछ नेता प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव की चर्चा को खारिज कर रहे हैं। ऐसे में आधिकारिक घोषणा होने तक अजय राय को हटाए जाने की खबर को केवल सूत्रों के हवाले से ही देखा जा रहा है।
कौन हैं आराधना मिश्रा ‘मोना’?
आराधना मिश्रा ‘मोना’ प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से कांग्रेस की विधायक हैं। वह लगातार इस सीट से चुनाव जीतती रही हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में जब कांग्रेस पूरे प्रदेश में केवल दो सीटों पर जीत हासिल कर सकी थी, तब भी आराधना मिश्रा ने रामपुर खास सीट पर कांग्रेस का कब्जा बरकरार रखा था। आराधना मिश्रा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी की बेटी हैं। रामपुर खास सीट को प्रमोद तिवारी और उनके परिवार का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है।
कई वर्किंग प्रेसिडेंट बनाए जाने की भी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस प्रदेश संगठन में केवल प्रदेश अध्यक्ष का बदलाव ही नहीं करेगी, बल्कि क्षेत्रीय संतुलन साधने के लिए कई वर्किंग प्रेसिडेंट भी बनाए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संगठन में जिम्मेदारियां बांटी जा सकती हैं। इसका उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना बताया जा रहा है।
अजय राय का आगे क्या होगा?
अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने की स्थिति में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। राहुल गांधी से उनकी हालिया मुलाकात और भरोसा दिए जाने की बात को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि पार्टी उन्हें संगठन या चुनावी रणनीति से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकती है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से न तो अजय राय को हटाने और न ही आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की आधिकारिक पुष्टि हुई है। ऐसे में अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान के अगले फैसले पर है।
2027 चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए अहम बदलाव
उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर भी रणनीति तैयार कर रही है। ऐसे में प्रदेश संगठन में संभावित बदलाव को चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। अगर आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलती है तो कांग्रेस के प्रदेश संगठन की कमान पहली बार एक महिला विधायक के हाथों में जाने के साथ पार्टी के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
