Times Higher Education World University Ranking में 2,297 संस्थानों का मूल्यांकन, RU को 701-800 बैंड में स्थान, यूपी के राज्य विश्वविद्यालयों में पहला स्थान
बरेली : महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने वैश्विक स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, Times Higher Education (THE) World University Ranking में रुहेलखंड विश्वविद्यालय को 701-800 बैंड में स्थान मिला है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस रैंकिंग में उसे भारत में 25वां स्थान मिला है और यूपी के राज्य विश्वविद्यालयों में इसे पहला स्थान प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय के मुताबिक, THE World University Ranking में कुल 2,297 संस्थानों का मूल्यांकन किया गया। वहीं भारत के कुल 144 विश्वविद्यालय इस वैश्विक रैंकिंग में स्थान बनाने में सफल रहे। रुविवि प्रशासन ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
शिक्षा, शोध और नवाचार के मानकों पर मूल्यांकन
विश्वविद्यालय की ओर से बताया गया कि Times Higher Education की वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में उच्च शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े विभिन्न मानकों के आधार पर विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन किया जाता है। इसमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,शोध उत्कृष्टता एवं नवाचार,वैश्विक अकादमिक सहयोग, विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा और कौशल विकास जैसे पहलुओं को शामिल किया जाता है। इसके अलावा शोध का समाज और राष्ट्र पर प्रभाव तथा सतत एवं समावेशी विकास जैसे बिंदु भी मूल्यांकन का हिस्सा रहे।
कुलपति ने शिक्षकों-विद्यार्थियों को दिया श्रेय
विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय, रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अनिल कुमार यादव और वित्त अधिकारी महिमा चंद ने खुशी जाहिर की।कुलपति प्रो.अनिल कुमार राय ने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों,विद्यार्थियों,अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार विश्वस्तरीय शिक्षा, शोध उत्कृष्टता, वैश्विक सहयोग, नवाचार और सतत भविष्य की दिशा में काम कर रहा है।
भारत में 25वां स्थान मिलना गौरव की बात
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, प्रतिष्ठित वैश्विक रैंकिंग में भारत में 25वां स्थान मिलना रुहेलखंड विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय की शिक्षा और शोध गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
