180 करोड़ रुपये आंकी गई मिल की कीमत, कर्मचारियों-मजदूरों को परिसर से बाहर किया गया, बिजली भी काटी गई
बरेली : यूपी के बरेली देहात की नवाबगंज तहसील क्षेत्र के औरंगाबाद गांव स्थित ओसवाल चीनी मिल पर किसानों के गन्ना भुगतान के करीब 74 करोड़ रुपये बकाया होने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को एसडीएम नवाबगंज सचिन यादव, जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सिंह, तहसीलदार सतेन्द्र कटियार और नायब तहसीलदार शुभम पांडेय पुलिस बल के साथ मिल परिसर पहुंचे। प्रशासनिक टीम ने मिल परिसर में मौजूद कर्मचारियों और वहां रह रहे परिवारों को बाहर कराया तथा मिल पर तालाबंदी कर दी।प्रशासन ने मिल परिसर में नीलामी की कार्रवाई के लिए 22 अक्टूबर की तारीख तय की है। अधिकारियों के मुताबिक,नीलामी तक मिल परिसर में प्रशासन की अनुमति के बिना किसी के प्रवेश पर रोक रहेगी।
किसानों का करीब 74 करोड़ रुपये बकाया
ओसवाल चीनी मिल पर किसानों के गन्ना भुगतान का बकाया लगातार बढ़ता गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वर्ष 2023-24 में किसानों का 107 करोड़ 12 लाख रुपये बकाया था, जिसमें से 91 करोड़ 64 लाख रुपये का भुगतान किया गया। वहीं वर्ष 2024-25 में मिल ने किसानों से करीब 39 करोड़ 45 लाख रुपये का गन्ना खरीदा, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया गया। बकाया भुगतान और ब्याज को मिलाकर किसानों की देनदारी करीब 74 करोड़ रुपये बताई गई है। प्रशासन की ओर से पहले मिल की आरसी जारी कर उसकी आराजी भूमि को कुर्क किया गया था। इसके बावजूद भुगतान नहीं होने पर अब नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मिल का मूल्यांकन 180 करोड़ रुपये
मिल की नीलामी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन ने पुणे, महाराष्ट्र से तीन सदस्यीय विशेषज्ञ टीम बुलाकर मिल का मूल्यांकन कराया था। टीम ने ओसवाल चीनी मिल का मूल्यांकन करीब 180 करोड़ रुपये किया है। प्रशासन द्वारा मिल परिसर में नीलामी की झंडी भी लगा दी गई है और 22 अक्टूबर को नीलामी प्रस्तावित की गई है।
मिल की बिजली काटी, कर्मचारियों के आवास भी खाली कराए
कार्रवाई के दौरान एसडीएम ने विद्युत निगम के जेई को बुलाकर मिल की बिजली आपूर्ति कटवा दी। मिल परिसर में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को निर्धारित समय के भीतर आवास खाली करने के निर्देश दिए गए। मिल मालिक के आवास पर भी प्रशासन की ओर से ताला लगाया गया। अचानक हुई कार्रवाई के बाद मिल कर्मचारियों और प्रबंधन से जुड़े लोगों में खलबली मच गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा।
गुरुद्वारा और मंदिर के पुजारियों को प्रवेश की छूट
प्रशासन ने मिल परिसर में बने गुरुद्वारे के जत्थेदार और मंदिर के पुजारियों के आने-जाने पर रोक नहीं लगाई है। हालांकि अन्य लोगों के लिए मिल परिसर में प्रवेश प्रशासन की अनुमति के बिना प्रतिबंधित रहेगा। मिल के मुख्य गेट पर सुरक्षा व्यवस्था भी रखे जाने की बात सामने आई है, ताकि नीलामी की प्रक्रिया तक परिसर की निगरानी की जा सके।
नीलामी तक मिल पर प्रशासन की निगरानी
एसडीएम सचिन यादव के अनुसार किसानों के गन्ना भुगतान को लेकर प्रशासन ने ओसवाल चीनी मिल परिसर में नीलामी की झंडी लगाकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। 22 अक्टूबर को नीलामी की जाएगी। उन्होंने बताया कि पूरी मिल का मूल्यांकन करीब 180 करोड़ रुपये किया गया है और नीलामी तक मिल में तालाबंदी रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। नीलामी के बाद मिलने वाले निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की कार्रवाई से मिल प्रबंधन में हलचल
गुरुवार को हुई इस कार्रवाई के बाद ओसवाल चीनी मिल परिसर में काफी हलचल रही। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में कर्मचारियों को बाहर किया गया और मिल को सील कर दिया गया। अब सभी की नजरें 22 अक्टूबर को होने वाली नीलामी पर हैं।
