महर्षि कश्यप चौराहे से ईदगाह तक सड़क चौड़ीकरण की तैयारी, नगर निगम ने 15 दिन में दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा; स्थानीय लोगों ने पहले जांच और सुनवाई की मांग की
बरेली: बरेली में सीएम ग्रिड योजना के फेज-3 को लेकर नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है। महर्षि कश्यप चौराहे से ईदगाह तक सड़क चौड़ीकरण और क्षेत्र के विकास की योजना के तहत सड़क के किनारे, साइड पट्टी और नाले की जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण को चिन्हित किया गया है। नगर निगम के मुताबिक, इस मार्ग पर करीब 212 मकान, दुकान और गेस्ट हाउस चिन्हित किए गए हैं। संबंधित संपत्तियों को नोटिस जारी करने के साथ कई स्थानों पर लाल निशान भी लगाए गए हैं।
212 मकान, दुकान और गेस्ट हाउस चिन्हित
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, सड़क के दोनों ओर सर्वे कर उन हिस्सों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें अतिक्रमण के रूप में माना गया है। सर्वे के बाद संबंधित मकान, दुकानों और गेस्ट हाउस संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य सीएम ग्रिड योजना के तहत प्रस्तावित सड़क और उससे जुड़ी सुविधाओं के लिए आवश्यक जगह को चिन्हित करना है।
15 दिन में दस्तावेज देने का समय
नगर निगम की ओर से संबंधित लोगों को 15 दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में उन्हें अपनी संपत्ति और स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज नगर निगम के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे। अधिकारियों के मुताबिक, दस्तावेजों की जांच के बाद संबंधित लोगों की ओर से दिए गए प्रत्यावेदन का नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा। निर्धारित अवधि में दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में नगर निगम अधिनियम और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लाल निशान लगने से स्थानीय लोगों में नाराजगी
नगर निगम की कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों और व्यापारियों में नाराजगी देखने को मिल रही है। कुछ लोगों का दावा है कि वे कई दशकों से यहां रह रहे हैं और उनके पास जमीन की रजिस्ट्री, बरेली विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नक्शे और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि दुकानों या मकानों के हिस्से को पीछे हटाया जाता है तो उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ेगा। छोटे दुकानदारों ने इससे रोजी-रोटी पर संकट आने की आशंका भी जताई है।
दस्तावेज वाले लोगों को पहले सुनवाई का मौका देने की मांग
स्थानीय निवासी सरफराज अहमद और अन्य व्यापारियों ने मांग की है कि जिन लोगों के पास जमीन और भवन से जुड़े वैध दस्तावेज हैं, उनके मामलों की पहले जांच की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी कार्रवाई से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि दशकों से बने मकानों और दुकानों पर कार्रवाई से पहले स्वामित्व और निर्माण से जुड़े रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
सिर्फ सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है योजना
नगर निगम के मुताबिक, सीएम ग्रिड योजना केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं है। इसके तहत सड़क के विकास के साथ फुटपाथ, पार्किंग, पौधरोपण, बैठने के लिए बेंच, यूटिलिटी शिफ्टिंग और जल निकासी व्यवस्था जैसी सुविधाएं भी विकसित की जानी हैं। नगर निगम का कहना है कि योजना के तहत सड़क और आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए प्रस्तावित विकास कार्य किए जाएंगे। फिलहाल नोटिस दिए गए लोगों से दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और आगे की कार्रवाई दस्तावेजों की जांच के आधार पर की जाएगी।
